सोमवार, 22 जुलाई 2019 | 10:16 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
चांद पर चला चंद्रयान-2, ISRO ने फिर रच दिया इतिहास,देशभर में खुशी की लहर          81 साल की उम्र में शीला दीक्षित का निघन          शीला दीक्षित 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं थी          दिल्ली की सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का दिल्ली में निधन          इसरो ने किया ऐलान, अब 22 जुलाई को लॉन्च होगा चंद्रयान-2          कुलभूषण जाधव मामले पर पीएम मोदी ने जताई खुशी कहा- ये सच्चाई और न्याय की जीत है          भारतीय वायुसेना के लिए गेम चेंजर साबित होगी राफेल-सुखोई की जोड़ी,एयर मार्शल भदौरिया          कुलभूषण जाधव केस, ICJ में भारत की बड़ी जीत, फांसी की सजा पर रोक, पाकिस्तान को सजा की समीक्षा का आदेश          गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान, कहा- सभी घुसपैठियों और अवैध प्रवासियों को करेंगे देश से बाहर          पीएम नरेंद्र मोदी सितंबर में अमेरिका जाएंगे, जहां भारतीय समुदाय के लोगों से उनकी मुलाकात हो सकती है। इस दौरान दुनिया के कई अन्‍य देशों के नेताओं से भी मुलाकात की संभावना है          भाजपा को 2016-18 के बीच 900 करोड़ रू से ज्यादा चंदा मिला, एडीआर की रिपोर्ट में आया सामने          बैंकों और बीमा कंपनियों में लावारिस पड़े हैं 32,000 करोड़ से भी ज्यादा पैसे, नहीं है कोई दावेदार          बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने किया तेज सेना का गठन           भ्रष्ट अफसरों को जबरन वीआरएस दिया जाए, ऐसे लोग नहीं चाहिए-योगी आदित्यनाथ         
होम | दुनिया | चीन ने किया चौदह हजार किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण

चीन ने किया चौदह हजार किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण


 

चीन ने किया चौदह हजार किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण

चीन लगातार अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में जुटा है। हाल ही में चीन ने पनडुब्बी से 14000 किलोमीटर तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल जेएल-3 का सफल परीक्षण किया है। चीनी मीडिया रिपोर्ट से इसकी जानकारी मिली है।

चीनी सरकारी समाचार पत्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेएल-3 सबमरीन-लांच बैलिस्टिक मिसाइल (एसएलबीएम) का परीक्षण 2 जून को किया गया था। यह मिसाइल अपने साथ दस गाइडेड परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है।

चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेन गुओकियांग ने बताया कि चीन के लिए वैज्ञानिक शोध और परीक्षण करना सामान्य बात है। यह परीक्षण किसी देश या किसी खास सत्ता को निशाना बनाकर नहीं किया गया। यह चीन रक्षा नीति है, जो रक्षात्मक होने के साथ ही देश की राष्ट्रीय सुरक्षा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने वाले हथियारों विकास हो रहा है। 

सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि जेएल-3 चीन की नई एसएलबीएम है। यह बैलिस्टिक मिसाइल चीन की मौजूदा एसएलबीएम की तुलना में ज्यादा दूर तक सटीक मार करने के साथ ही अपने साथ ज्यादा परमाणु हथियार भी ले जाने में सक्षम है।



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: