शुक्रवार, 4 दिसम्बर 2020 | 07:53 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
केदारनाथ धाम के पत्थरों से तैयार किए गए 10 हजार शिवलिंग, घर ले जा सकेंगे तीर्थयात्री          देश के सबसे लंबे भारी वाहन झूला पुल डोबरा-चांठी का,सीएम रावत ने किया लोकार्पण          भारत दौरे से पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री का बड़ा बयान लद्दाख में चीन भारत पर डाल रहा है सैन्‍य दबाव          उत्तराखंड में चिन्हित रेलवे क्रॉसिंगों पर 50 प्रतिशत धनराशि केन्द्रीय सड़क अवस्थापना निधि से की जाएगी          उत्तराखंड में भूमि पर महिलाओं को भी मिलेगा मालिकाना हक          सीएम रावत ने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को लिखा पत्र,उत्तराखंड में आइटी सेक्टर में निवेश करने का किया अनुरोध           बैंकों और बीमा कंपनियों में लावारिस पड़े हैं 32,000 करोड़ से भी ज्यादा पैसे, नहीं है कोई दावेदार         
होम | उत्तराखंड | सीएम रावत ने नैनीझील स्थापित दिव्य नैनीझील जल गुणवत्ता आंकलन प्रणाली का किया लोकर्पण

सीएम रावत ने नैनीझील स्थापित दिव्य नैनीझील जल गुणवत्ता आंकलन प्रणाली का किया लोकर्पण


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को अपने एक दिवसीय नैनीताल भ्रमण के दौरान नैनीझील में एक करोड़ की लागत से यूएनडीपी के सहयोग से स्थापित दिव्य नैनीझील जल गुणवत्ता आंकलन प्रणाली का लोकर्पण किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि नैनीझील अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए दुनिया भर में जानी जाती है व सदैव से ही पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। उन्होने कहा कि नैनीझील हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है। उन्हांने जिला प्रशासन व यूएनडीपी को इस अभिनव पहल के लिए बधाई देते हुए सभी से नैनीझील को स्वस्थ व स्वच्छ रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जल गुणवत्ता प्रणाली जल संरक्षण के साथ ही जल की निर्मलता बनाये रखेगी।  प्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रदेश की नदियों, झीलों तालाबों और जलस्रोतों को पुर्नजीवित करने के लिए व्यापक जन अभियान शुरू किया गया है, जिसमें सफलता मिली है। कोसी, गगास, रिस्पना, शिप्रा मे व्यापक वृक्षारोपण किया गया है। सौंग व जमरानी बांध बनने से 125 करोड की बिजली बचत होगी। उन्होंने कहा अल्मोडा में तडागताल पुर्नजीवन एवं संरक्षण हेतु 10 करोड रूपये जारी कर दिये गये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड  पर्यटन प्रदेश है। यहां अतिथि देव भवः के साथ ही स्थानीय उत्पाद व स्थानीय भोजन को बढावा देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश मे होम स्टे को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 2200 होम स्टे संचालित है इनको और बढाया जायेगा। उन्होने कहा कि स्थानीय शिल्प को प्रोत्साहित करने हेतु सरकार ने आवास नीति के तहत स्थानीय शिल्प में बनाये जा रहे भवन में एक अतिरिक्त मंजिल बनाने की स्वीकृति दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल में एसटीपी व पार्किग के निर्माण की स्वीकृति दे दी गई है। बलिया नाले पर अल्पकालीन व दीर्घकालीन दोनों योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होने कहा रैमजे चिकित्सालय को पीपीपी मोड पर चलाये जाने हेतु शीघ्र विज्ञप्ति जारी की जायेगी ताकि यहां की जनता व आने वाले पर्यटकों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सके।
 क्षेत्रीय विधायक संजीव आर्य ने जनपद आगमन पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद अदा करते हुये जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे कार्यो की तारीफ की। उन्होंने सरकार द्वारा किये जा रहे विकास कार्यो की विस्तृत जानकारी देते हुये ऐतिहासिक रैमजे चिकित्सालय नैनीताल को पीपीपी मोड पर चलाने की मांग रखी ताकि जनता व पर्यटकों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सके।  उन्होंने बताया कि नारायण नगर में पार्किग हेतु 25 बीघा भूमि आवंटित हो चुकी है साथ ही रानीबाग से हनुमानगढी रोपवे का प्रस्ताव भी गतिमान है।  

मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुये जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि जल गुणवत्ता के सत्त मापन हेतु मल्लीताल पम्प हाउस तथा तल्लीताल एरियेसन प्लांट मे एक-एक प्रोटियएस सेंसर स्थापित किये गये है। जिनसे झील के पानी की गुणवत्ता सम्बन्धित आंकणों को तल्लीताल डांठ महात्मा गांधी के मूर्ति के समीप एलईडी स्क्रीन पर आम जनमानस के लिए प्रसारित किया गया है। इससे झील की गुणवत्ता सम्बन्धित आंकडों के सत्त प्रदर्शन से स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों को नैनीझील को स्वच्छ रखने हेतु जागरूकता बढेगी। जल गुणवत्ता के विस्तृत आंकडों एवं चेतावनी एसएमएस एवं मोबाइल एप द्वारा लोगों को प्रसारित की जायेगी।  इन सेन्सरों द्वारा बायो कैमिकल ऑक्सीजन डिमांड, टोटल आर्गेनिक कार्बन, डिजाल्व आर्गेनिक कार्बन, प्रेशर क्लोराइड, पीएच टैम्फ्टर, नाइट्रेट टरबीटीटी, क्रूड आयल आदि तत्वों से परिणामों का पता चलेगा। इस प्रणाली से नैनीझील के अन्तर्जलीय वनस्पति एवं जीव जन्तुओं हेतु अनुकूल पर्यावरण विकास एवं प्रबन्धन करते हुए झील का संरक्षण किया जा सकेगा।



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: