बृहस्पतिवार, 6 अक्टूबर 2022 | 07:33 IST
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चंडीगढ़ MMS कांड की पूरी सच्चाई, 60 लड़कियों का एमएमएस कैसे वायरल हुआ


 

जब कोई आपका करीबी, जिसको लेकर आपको यकीन हो वो कभी आपके साथ चीटिंग नहीं कर सकता है वही आपको धोखा दे तो कैसा लगता है.. वो अहसास. आप अंदर तक हिल जाते हैं... कॉन्फिडेंस की धज्जियां उड़ जाती हैं,... बार बार वही ख्याल आता है.... बहुत ज़्यादा गुस्सा और रोना एक साथ आता है,...गहनतम  दुख, गुस्सा, लाचारी, चिड़चिड़ापन- सब एक साथ जज्ब होते रहते हैं... चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की  करीब 60 लड़कियों की हालत कुछ ऐसी ही हैं..

इस चीटिंग के अहसास से कुछ लोग तो लंबे समय तक उबर ही नहीं पाते.. सोशल मीडिया के ज़माने में वैसे से आम बात हो गई है, लेकिन मोहाली की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में जो हुआ है, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्विटर पर  लाखों ट्वीट्स हो चुके हैं और सैकड़ों वीडियो मोबाइलों के चक्कर लगा रहे हैं. यूनिवर्सिटी में स्टूड़ेंट ने जोरदार प्रोटेस्ट भी किया। कोई कह रहा है औरत ही औरत की दुश्मन बन गई है...कोई कहता है आज की पीढ़ी को क्या हो गया है, कोई मोबाइल कल्चर को जिम्मेदार बता रहा है।

मोहाली में स्थित देश की जानी मानी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में आधी रात को जबरदस्त प्रदर्शन हुआ। स्टूडेंट सड़कों पर निकलकर विरोध जता रहे हैं। मैनेजमेंट अपनी इज्जत बचाने के लिए बात को बाहर न जाने देने की कोशिशों में जुटा हुआ है, पुलिस भी हरसंभव कोशिश कर रही है हालात को कंट्रोल करने की। आम आदमी पार्टी की सरकार विपक्ष के निशाने पर है। इस यूनिवर्सिटी में  विदेशों से भी बड़ी संख्या में स्टूडेंट आते हैं। इस यूनिवर्सिटी की खासी रिप्यूटेशन है, लेकिन एक छोटी सी घटना से यूनिवर्सिटी पर दाग लग गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक छात्रा न जाने किसके बहकावे में आकर हॉस्टल में रहने वाली दूसरी लड़कयों के नहाते समय के वीडियो बनाती जाती। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसी 60 लड़कियों के वीडियो बनाकर भेजे गए, जो वायरल हो गए। इसके बाद आरोपी लड़की की सबके सामने क्लास लगी।

आरोपी लड़की को इस बात का ज़्यादा अहसास नहीं है कि उसे कितना बड़ा अपराध हो गया है। वो अपनी गलती तो मान रही है लेकिन लाचारी भी दिखा रही है, माफी ऐसे मांग रही है, जैसे कोई मामली सी गलती हुई हो।

आजकल हॉस्टल का माहौल काफी बिन्दास और मॉडर्न सा होता है और ऐसे में स्टूडेंट्स थोड़ा ओपन माहौल में ही रहते हैं। पिछले कुछ सालों में समाज की सोच भी खुलेपन वाली हो गई है, लेकिन इसी का फायदा उठाकर साथ की ही लड़की ने रोज ऐसे वीडियो भी रिकार्ड करने शुरू कर दिए, जो किसी भी इंसान की लाइफ में पर्सनल होते हैं। आजकल वीडियो बनाने इतना आम सा हो गया है कि लोग ज़्यादा गौर भी नहीं करते, वैसे भी इतनी एजुकेशन हासिल कर चुके किसी भी स्टूडेंट को इतनी बेसिक समझ तो होगी ही कि लड़कियों के पर्सनल वीडियो बनाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अनैतिक भी है। इस घटना के बाद छात्राएं खुद को ठगा हुआ सा महसूस कर रही हैं। उनकी नाराजगी मैनेजमेंट से भी है। छात्राओं का आरोप है कि यूनिवर्सिटी मैनजमेंट शुरू से इस बात को दबाने में लगा रहा।

हंगामा ब़ढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी छात्रा और उसके शिमला के साथी सन्नी पर IPC की धारा 354-C और IT एक्ट के तहत केस दर्ज करके गिरफ्तार भी कर लिया। इस केस में दर्ज पुलिस FIR के अनुसार, शनिवार शाम 3 बजे कुछ लड़कियां हॉस्टल वार्डन राजविंदर कौर के पास पहुंचीं। उन्होंने शक जताया कि आरोपी छात्रा वाशरूम में 6 लड़कियों का वीडियो बना रही थी। वार्डन राजविंदर कौर ने लड़की से पूछताछ की। इसके बाद यूनिवर्सिटी की गर्ल्स हॉस्टल मैनेजर को इसकी जानकारी दी। वार्डन,  आरोपी छात्रा और शक जताने वाली लड़कियों को लेकर गर्ल्स हॉस्टल मैनेजर के पास पहुंचीं। वहां आरोपी छात्रा से पूछा गया तो उसने फोटो या वीडियो बनाने से इनकार कर दिया। मैनेजर ने दावा किया कि जब उसने आरोपी छात्रा का मोबाइल चेक किया तो उसमें से फोटो और वीडियो डिलीट किए हुए मिले।

आरोपी छात्रा के मोबाइल पर लगातार कॉल और मैसेज आ रहे थे, जिसके बाद मैनेजर को उस पर शक हो गया। मैनेजर ने आरोपी छात्रा को कॉल उठाने को कहा और स्पीकर ऑन करवा लिया। मैनेजर ने छात्रा को कहा कि वह कॉल करने वाले लड़के को कहे कि उसके पास जो फोटो और वीडियो हैं, वह उसे भेजे। यह सुनकर लड़के ने उसे अश्लील वीडियो का स्क्रीनशॉट भेज दिया। मैनेजर ने सख्ती की तो आरोपी छात्रा ने सारी बातें कबूल कीं।

मोहाली पुलिस, पंजाब सरकार, महिला आयोग सभी ने अपने बयान जारी करके जांच के बाद कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। लेकिन सवाल ये है कि इस केस के आरोपियों को तो मान लीजिए सजा हो भी जाएगी, लेकिन समाज में गहरी पैठ बना रही इस बुराई का खात्मा कैसे होगा। क्या पुलिस की जांच और सज़ा  से उन लड़कियों को कोई फायदा होगा, जिनके वीडियो बनाकर सरेआम इज्जत वायरल कर दी गई। उनकी मासूम लड़कियों की गलती क्या है। अब लड़कियां आपस में भी क्या भरोसा नहीं कर सकतीं। क्या हर हाथ में मोबाइल कैमरा आ जाने का ये मतलब है कि अब आपका बेडरूम और बाथरूम भी सुरक्षित नहीं। डिजिटल क्रांति के बावजूद इतने शिक्षित लोग अपनी सीमाएं क्यों नहीं समझ पा रहे। इस केस में उस आरोपी लड़की ने जो बताया, उस हिसाब से कहीं नहीं लग रहा है कि उसे अंदाजा भी रहा होगा कि जो वीडियो वो अपने दोस्त को फारवर्ड कर रही है, वै कैसी तबाही ला सकते हैं। उसके लिए एक जोक फारवर्ड करने जैसी आसान बात थी। उसने ये क्यों नहीं सोचा कि जब मैं अपने दोस्तों का भरोसा तोड़ सकती हूं तो शिमला में बैठा वो लड़का क्यों नहीं तोड़ देगा। उसकी इस बेवकूफी भरी हरकत से अपना कैरियर तो चौपट किया ही

 कितने परिवारों में भूचाल आ गया। जिन लड़कियों के वीडियो वायरल हो गए हैं, अब उनका आत्मविश्वास कैसे वापस आ पाएगा ? उनको बाहर निकलते समय हर पल ये अहसास सताएगा कि कोई उनको गलत तरीके से पहचान तो नहीं लेगा। क्या हर मुस्कुराहट में उनको तंज कसता हुआ अहसास नहीं होगा। वैसे हम तो ये उम्मीद करेंगे इसे एक बुरा हादसा समझ कर भूल जाएं और जीवन में आगे बढ़े। पुलिस को फौरन जांच करके वायरल वीडियो को डिलीट करवाने चाहिए और समाज की ये जिम्मेदारी है कि अगर् गलती से भी आपके पास ऐसे वीडियो आ जाएं तो उन्हें कतई फारवर्ड न करें- वैसे भी ये एक आपराधिक कार्य होगा।

इस घटना के समाज के लिए कई सबक भी हैं। जिस दौर में हर हाथ में मोबाइल कैमरा है, उसमें नैतिकता के प्रतिमान सख्त करने ही पड़ेंगे। स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में तकनीक के सही इस्तेमाल का चैप्टर भी डालना पड़ेगा- आम इंसान को भी समझाना पड़ेगा कि मोबाइल के कैमरे की हद क्या है। किसी की प्राइवेट लाइफ को कैमरे में कैद करना अपराध की श्रेणी में आता है। अगर अभी नहीं संभले तो आगे जाकर कितने ही स्टूडेंट क्रिमिनल की श्रेणी में पहुंच सकते हैं और कितने ही मासूम लोगों का जीना मुश्किल हो सकता है।



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