शनिवार, 25 सितंबर 2021 | 08:23 IST
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ओलंपिक में हारने के बाद महिला खिलाड़ी के घर के बाद फूटे बम


टोक्यो में चल रहे ओलंपिक खेलों में भारत अपने खिलाड़ियों के साथ उतरा हुआ है। इस दौरान भारत के खिलाड़ी इतिहास रच रहे हैं। इस बीच एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आयी है। महिला हॉकी टीम के हारने के बाद महिला खिलाड़ी के घर के बाद कुछ लोगों ने बहसलूकी की है। टोक्यो ओलंपिक में एक तरफ जहां पूरा देश भारतीय महिला हॉकी टीम के सेमीफाइनल में जीत के लिए दिनभर दुआएं करता रहा, वहीं टीम के हारने पर हरिद्वार में बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। हॉकी टीम में शामिल हरिद्वार की वंदना कटारिया के रोशनाबाद स्थित घर के बाहर कुछ लोगों पर आतिशबाजी करने का आरोप लगा है। जिसके बाद एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्णराज ने बताया कि घटना बुधवार की है। हमें इसे मामले में वंदना के भाई की शिकायत मिली, जिसके बाद गुरुवार को गांव के दो युवकों के खिलाफ सिडकुल थाने में आईपीसी की धारा 504 और एससी/एसटी एक्ट की धारा तीन के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच सीओ सदर  डॉ. विशाखा अशोक को दी गई है। हरिद्वार के रोशनाबाद गांव में फॉरवर्ड प्लेयर वंदना कटारिया के घर पर यह घटना हुई। उनके भाई शेखर ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में बताया, 'टीम की हार से हम सभी दुखी थे। लेकिन इस बात का गर्व है कि लड़ते हुए हार मिली। मैच के थोड़े ही देर के बाद घर के बाहर पटाखों का शोर सुनाई दिया। बाहर जाकर देखा तो गांव के ही उच्च जाति के दो युवक नाच रहे थे। शेखर की तरफ से पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार परिवार के लोग बाहर निकले तो पटाखे जलाकर डांस कर रहे युवकों ने जातिगत टिप्पणी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि टीम में कई दलित खिलाड़ियों की वजह से ही हार मिली है। आरोपियों ने कहा कि केवल हॉकी ही नहीं, बल्कि हर एक खेल से दलितों को दूर रखना चाहिए। इस तरह अब ये मामला मीडिया  से लेकर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।



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