बुधवार, 12 अगस्त 2020 | 08:41 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
पीएम मोदी ने रखी राम मंदिर की नींव, देश भर में घर-घर दीप प्रज्ज्वलित कर मनाई जा रही है खुशियां          उत्तराखंड में भूमि पर महिलाओं को भी मिलेगा मालिकाना हक          सीएम रावत ने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को लिखा पत्र,उत्तराखंड में आइटी सेक्टर में निवेश करने का किया अनुरोध           कोरोना के चलते रद्द हुई अमरनाथ यात्रा,अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने रद्द करने का किया एलान           कोटद्वार में अतिवृष्टि से सड़क पर आया मलबा, बरसाती नाले में बही कार, चालक की मौत          चारधाम देवस्थानम बोर्ड मामले में उत्तराखंड सरकार को बड़ी राहत,सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका हाईकोर्ट          प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से की केदारनाथ के निर्माण कार्यों की समीक्षा, कहा धाम के अलौकिक स्वरूप में और भी वृद्धि होगी          बैंकों और बीमा कंपनियों में लावारिस पड़े हैं 32,000 करोड़ से भी ज्यादा पैसे, नहीं है कोई दावेदार         
होम | देश | बड़े मैचों में ‘फिसड्डी’ क्यों साबित हो जाते हैं विराट कोहली ?

बड़े मैचों में ‘फिसड्डी’ क्यों साबित हो जाते हैं विराट कोहली ?


दुनिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाज विराट कोहली की बल्लेबाजी में कमियां निकालने बेहद मुश्किल काम है। जब वो खेलते हैं तो लगता है कोई कलाकार पेंटिंग बना रहा है। इतनी सफाई से वो शाट्स मारते हैं कि लगभग हर बार गेंदबाज सिर धुनते रह जाते हैं। लेकिन
सवाल खड़ा होता है कि तब क्या हो जाता है जब टीम इंडिया कोई बड़ा मैच खेल रही होती है? जब भी टीम इंडिया के सामने कोई बड़ा मैच आता है और पूरा देश विराट कोहली की तरफ टकटली लगाकर देखता है, वो फिसड्डी साबित हो जाते हैं। वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में एक बार फिर ये साबित हो गया। आखिर वो कौन सी पनौती जो हर बार विराट कोहली के खिलाफ काम कर जाती है.
 
आज का वर्ल्ड कप सेमीफाइनल तो हमारे सामने है, जब रोहित शर्मा के आउट होने के बाद विराट कोहली पर सारा दारोमदार आ चुका था और वो एक रन पर आउट हो गए। बोल्ट को देखते ही वे ऐसे हड़बड़ाने लगे, जैसे सामने थानोस आ गया हो।
मैनचेस्टर  के ओल्ड ट्रैफर्ड को आज भूल भी जाएं तो याद कीजिए पिछले वर्ल्ड कप 2015 के सेमीफाइनल में विराट की पारी। तब भारत और ऑस्ट्रे लिया के बीच सिडनी में टूर्नामेंट का दूसरा सेमीफाइनल खेला जा रहा था। भारतीय टीम को जीत के लिए 329 रन की दरकार थी। विराट कोहली पर उम्मी दों का भार था कि वह बड़ी पारी खेलकर टीम इंडिया को फाइनल में पहुंचाएंगे। मगर हुआ बिलकुल उलट। विराट कोहली को मिचेल जॉनसन ने विकेटकीपर ब्रेड हैडिन के हाथों कैच आउट कराकर टीम इंडिया को तगड़ा झटका दिया था। विराट तब भी 1 रन बनाकर ही पवेलियन लौटे थे। टीम इंडिया यह मैच 95 रन के बड़े अंतर से हार गई थी। कोहली बड़े मैच में फिसड्डी साबित हुए थे।
पाकिस्तान के खिलाफ 2017 चैंपियंस ट्राफी के फाइनल में भी विराट केवल 5 रन पर मोहम्मद आमिर का शिकार बन गए थे। टीम इँडिया को 180 रन से शर्मनाक हार मिली थी, जिसे पाकिस्तान आज तक याद दिलाता है।

 



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: