रविवार, 29 मार्च 2020 | 11:25 IST
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उत्तराखंड के इन 5 पर्यटन स्थल के आगे फेल है पूरे दुनिया की खूबसूरती


उत्तराखंड की मनोरम वादियों, हिमालय, झील-झरने और तालों को देखने के लिए दुनियाभर से पर्यटक आते हैं। नैनीताल हो या फिर मसूरी ये शहर पर्यटकों से भरे रहते हैं। उत्तराखंड की नैसर्गिक खूबसूरती के बारे में कहा जाता है कि इसके आगे यूरोप की खूबसूरती भी फेल है। आइए आपको उत्तराखंड के उन पांच टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स की सैर कराते हैं जिन्हें देखने दुनियाभर से टूरिस्ट आते हैं।

 

औली

औली को भारत का मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है। भारत का यह मिनी स्विट्जरलैंड इतना खूबसूरत है कि विदेशी तक यहां के नजारे देखते नहीं थकते। यह मिनी स्विट्जरलैंड उत्तराखंड के चमोली में स्थित है। यहां कि वादियां और पहाड़ देखकर आपको यह महसूस होगा कि आप सच में स्विट्जरलैंड की सैर कर रहे हैं। हर साल कुदरत के इस नायाब उपहार को निहारने के लिए आने वाले लोगों की भीड़ में कभी कोई कमी नहीं रहती बल्कि यह बढ़ती ही रहती है।

 

देवप्रयाग

देवप्रयाग समुद्र तल से 830 मीटर की ऊंचाई पर है। ऋषिकेश से देवप्रयाग की दूरी महज 70 किलोमीटर के करीब है। यह खूबसूरत जगह अलकनंदा-भागीरथी नदी के संगम पर बसी है। कहा जाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के पंच प्रयागों में से एक देवप्रयाग है। मान्यता है कि जब राजा भागीरथ ने गंगा को पृथ्वी पर उतरने के लिए मनाया तो उनके साथ ही 33 करोड़ देवी- देवता भी गंगा के साथ स्वर्ग से देवप्रयाग में उतरे थे।

 

तपोवन

तपोवन गंगोत्री हिमनद से 6 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां के अद्भुत नजारे पर्यटकों का दिल जीत लेते हैं। तपोवन से दूर-दूर तक फैली हिमालय की चोटियां दिखती हैं।तपोवन को ही नंदनवन भी कहते हैं। यहां पर्वतारोहण के लिए कैंपिंग की जाती है। गोमुख ट्रैकिंग के पास ही तपोवन है जहां हर साल लाखों की तादाद में विदेशी पर्यटक ट्रैकिंग के लिए उमड़ते हैं। नंदनवन से शिवलिंग, भागीरथी, केदार डोम, थलय सागर और सुदर्शन जैसे चोटियों का शानदार दृश्य दिखता है। पर्यटक यहां सतोपंत, खर्चाकुंड, कालिंदी कल, मेरू और केदारडोम पर ट्रैकिंग और कैपिंग करते हैं।

 

फूलों की घाटी

क्या आपने उत्तराखंड में स्थित फूलों की घाटी के बारे में सुना है। यहां हर साल लाखों की तादाद में पर्यटक आते हैं और इसकी सुंदरता का लुत्फ उठाते हैं। यह एक राष्ट्रीय उद्यान है जो कि गढ़वाल क्षेत्र के चमोली जिले में स्थित है। इसे विश्व की धरोहर घोषित किया गया है। फूलों की घाटी 87.50 किमी वर्ग क्षेत्र में फैली है। इसे यूनेस्को ने 1982 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया था। हिमाच्छादित पर्वतों से घिरी हुई यह घाटी बेहद खूबसूरत है।

मुक्तेश्वर

नैनीताल से करीब 46 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुक्तेशवर धाम पर हर साल सर्दी में पर्यटक यहां की खूबसूरत वादियों को देखने आते हैं। 16 दिसंबर को यहां इस साल की पहली बर्फबारी देखने को मिली जिसके बाद वहां घूमने जाने वाले लोगों की खुशी दोगुनी हो गई थी। अगर आप प्रकृति केबीच समय बीताना चहते हैं तो उत्तराखंड की इन खूबसूरत जगाहों में जरूर घूमें।

। नैनीताल हो या फिर मसूरी ये शहर पर्यटकों से भरे रहते हैं। उत्तराखंड की नैसर्गिक खूबसूरती के बारे में कहा जाता है कि इसके आगे यूरोप की खूबसूरती भी फेल है। आइए आपको उत्तराखंड के उन पांच टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स की सैर कराते हैं जिन्हें देखने दुनियाभर से टूरिस्ट आते हैं।

 

औली

औली को भारत का मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है। भारत का यह मिनी स्विट्जरलैंड इतना खूबसूरत है कि विदेशी तक यहां के नजारे देखते नहीं थकते। यह मिनी स्विट्जरलैंड उत्तराखंड के चमोली में स्थित है। यहां कि वादियां और पहाड़ देखकर आपको यह महसूस होगा कि आप सच में स्विट्जरलैंड की सैर कर रहे हैं। हर साल कुदरत के इस नायाब उपहार को निहारने के लिए आने वाले लोगों की भीड़ में कभी कोई कमी नहीं रहती बल्कि यह बढ़ती ही रहती है।

 

देवप्रयाग

देवप्रयाग समुद्र तल से 830 मीटर की ऊंचाई पर है। ऋषिकेश से देवप्रयाग की दूरी महज 70 किलोमीटर के करीब है। यह खूबसूरत जगह अलकनंदा-भागीरथी नदी के संगम पर बसी है। कहा जाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के पंच प्रयागों में से एक देवप्रयाग है। मान्यता है कि जब राजा भागीरथ ने गंगा को पृथ्वी पर उतरने के लिए मनाया तो उनके साथ ही 33 करोड़ देवी- देवता भी गंगा के साथ स्वर्ग से देवप्रयाग में उतरे थे।

 

तपोवन

तपोवन गंगोत्री हिमनद से 6 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां के अद्भुत नजारे पर्यटकों का दिल जीत लेते हैं। तपोवन से दूर-दूर तक फैली हिमालय की चोटियां दिखती हैं।तपोवन को ही नंदनवन भी कहते हैं। यहां पर्वतारोहण के लिए कैंपिंग की जाती है। गोमुख ट्रैकिंग के पास ही तपोवन है जहां हर साल लाखों की तादाद में विदेशी पर्यटक ट्रैकिंग के लिए उमड़ते हैं। नंदनवन से शिवलिंग, भागीरथी, केदार डोम, थलय सागर और सुदर्शन जैसे चोटियों का शानदार दृश्य दिखता है। पर्यटक यहां सतोपंत, खर्चाकुंड, कालिंदी कल, मेरू और केदारडोम पर ट्रैकिंग और कैपिंग करते हैं।

 

फूलों की घाटी

क्या आपने उत्तराखंड में स्थित फूलों की घाटी के बारे में सुना है। यहां हर साल लाखों की तादाद में पर्यटक आते हैं और इसकी सुंदरता का लुत्फ उठाते हैं। यह एक राष्ट्रीय उद्यान है जो कि गढ़वाल क्षेत्र के चमोली जिले में स्थित है। इसे विश्व की धरोहर घोषित किया गया है। फूलों की घाटी 87.50 किमी वर्ग क्षेत्र में फैली है। इसे यूनेस्को ने 1982 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया था। हिमाच्छादित पर्वतों से घिरी हुई यह घाटी बेहद खूबसूरत है।

मुक्तेश्वर

नैनीताल से करीब 46 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुक्तेशवर धाम पर हर साल सर्दी में पर्यटक यहां की खूबसूरत वादियों को देखने आते हैं। 16 दिसंबर को यहां इस साल की पहली बर्फबारी देखने को मिली जिसके बाद वहां घूमने जाने वाले लोगों की खुशी दोगुनी हो गई थी। अगर आप प्रकृति केबीच समय बीताना चहते हैं तो उत्तराखंड की इन खूबसूरत जगाहों में जरूर घूमें।



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