रविवार, 21 जुलाई 2019 | 08:51 IST
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भगवान बदरीनाथ की 100 साल पुरानी आरती पर भी हो गया विवाद


 

 

'पवन मंद सुगंध शीतल हेम मंदिर शोभितम् ।

निकट गंगा बहत निर्मल बदरीनाथ विश्वंभरम, श्री बदरीनाथ विश्वंभरम ।।
शेष सुमरिन करत निशदिन धरत ध्यान महेश्वरम 
वेद ब्रहमा करत स्तुति श्री बदरीनाथ विश्वंभरम, श्री बदरीनाथ विश्वंभरम।।

यह भगवान बद्री विशाल जी की आरती है। जिसपर इन दिनों विवाद छिड़ गया है। दरअसल भारतीय जनता पार्टी सरकार ने इसके रचयिता का ऐलान कर नई बहस छेड़ दी है। सरकार का कहना है कि एक स्थानीय लेखक धन सिंह बर्थवाल ने यह आरती लिखी है। जबकि सालों से यह मान्यता है कि चमोली में नंदप्रयाग के एक पोस्टमास्टर फखरुद्दीन सिद्दीकी ने यह आरती लिखी थी। सिद्दीकी भगवान बदरी के भक्त थे और लोग बाद में उन्हें 'बदरुद्दीन' बुलाने लगे थे। 

आरती की पांडुलिपि की कार्बन डेटिंग के परिणाम से साबित हो गया है कि यह वर्ष 1775 के आसपास की है और धन सिंह इसी दौर के हैं, जबकि बदरुद्दीन उन्नीसवीं सदी के उत्तरा‌र्द्ध के हैं। धन सिंह के वंशजों ने पांडुलिपि की प्रति मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भेंट भी की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे यह साबित हुआ है कि हमारे पूर्वज उस वक्त भी जागरुक थे।

धन सिंह के परपोते महेंद्र सिंह बर्थवाल हाल ही में प्रशासन के पास आरती की हस्तलिपि लेकर पहुंचे। कार्बन डेटिंग टेस्ट के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ऐलान किया कि यह हस्तलिपि  1881 की है, जब यह आरती चलन में आई थी। बदरुद्दीन का परिवार ऐसा कोई सबूत दे नहीं सका, इसलिए बर्थवाल परिवार के दावों को सच मान लिया गया है। हालांकि, 1889 में प्रकाशित एक किताब में यह आरती लिखित है और बदरुद्दीन के रिश्तेदारों को इसका संरक्षक बताया गया है। यह किताब अल्मोडा के एक संग्रहालय में रखी है। इस मसले को लेकर विशेषज्ञ आरती के लेखक का पता करने के लिए सरकार से सवाल कर रहे है कि आखिर कैसे वह कार्बन डेटिंग पर विश्वास कर सकते है।

दूसरी तरफ बद्री-केदार मंदिर समिति के पुजारी, जो मंदिर का प्रबंधन करते हैं। वह कहते हैं कि  वर्षों से आम सहमति है कि बदरुद्दीन लेखक हैं। जो भी हो,इस विवाद के बाद बदरुद्दीन के वंशज निराश हैं कि उन्हें 'परिवार की विरासत को लूट लिया गया है'। अब यह तो सरकार को ही स्पष्ट करना होगा की आखिर उसने किसी आधार पर बद्री विशाल की आरती का लेखक धन सिंह बर्थवाल को बताया है।

 



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