बृहस्पतिवार, 29 अक्टूबर 2020 | 07:59 IST
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बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आडवाणी, जोशी,उमा भारती समेत सभी आरोपी बरी


अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को ढहाए गए विवादित ढांचे के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत आज फैसला सुनाया। इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार समेत सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया है। 28 वर्ष तक चली सुनवाई के बाद ढांचा विध्वंस के आपराधिक मामले में फैसला सुनाने के लिए सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसके यादव ने सभी आरोपियों को आज तलब किया था। हालांकि कई आरोपी आज कोर्ट में पेश नहीं हुए। वहींं, फैसले को लेकर रामनगरी की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

इस मामले में 49 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। इसमें से 17 की मौत हो चुकी है। सीबीआई व अभियुक्तों के वकीलों ने करीब आठ सौ पन्ने की लिखित बहस दाखिल की है। इससे पहले सीबीआई ने 351 गवाह व करीब 600 से अधिक दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं। 30 सितंबर, 2019 को सुरेंद्र कुमार यादव जिला जज, लखनऊ के पद से सेवानिवृत्त हुए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें फैसला सुनाने तक सेवा विस्तार दिया था। विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव के कार्यकाल का अंतिम फैसला 30 सितंबर को होगा। सीबीआई के वकील ललित सिंह के मुताबिक कि यह उनके न्यायिक जीवन में किसी मुकदमे का सबसे लंबा विचारण है। वह इस मामले में वर्ष 2015 से सुनवाई कर रहे हैं।

फैसले के बाद सीबीआई अधिवक्ता ललित सिंह ने कहा कि जजमेंट की प्रति मिलने के बाद सीबीआई हेडक्वार्टर भेजा जाएगा। जिसके बाद लॉ सेक्शन उसका अध्ययन करने के बाद जो परामर्श देगा, उसी अनुसार अपील करने का निर्णय लिया जाएगा। 

भारतीय जानता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मैं विशेष अदालत द्वारा दिए गए निर्णय का तहे दिल से स्वागत करता हूं। इस फैसले से राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रति मेरे व्यक्तिगत और भाजपा के विश्वास और प्रतिबद्धता का पता चलता है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने विवादित ढांचे के मामले पर आए न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने बयान दिया है कि छह दिसंबर 1992 को जो घटना हुई थी वो पूर्व नियोजित नहीं थी। मामले को लेकर न्यायालय ने आज अपना आदेश सुना दिया है। महंत नरेंद्र गिरि ने आम जं मानस से अपील की है कि वो कोर्ट के आदेश को माने। उन्होंने कहा कि इस फैसले को लेकर सभी को बधाई दी। कहा कि न्याय के मंदिर में हमेशा सत्य की जीत होती है।



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