सोमवार, 22 जुलाई 2019 | 09:48 IST
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पांच साल बाद अपने गांव पहुंचे एनएसए अजीत डोभाल,कुलदेवी पूजा में हुए शामिल


राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पांच साल बाद अपने परिवार के साथ उत्तराखंड स्थित अपने पैतृक गांव घीड़ी पहुंचे। जहां उन्होंने अपनी कुलदेवी की पूजा की,इससे पहले भी डोभाल अपने देवी-देवताओं की पूजा के लिए गांव जाते रहे है। अजीत डोभाल अपने परिवार के साथ आज पौड़ी पहुंचे। जिसके बाद वह अपने पैतृक गांव घीडी पहुंचे जहां ग्रामीणों ने उनका ढोल-दमाऊ के साथ भव्य स्वागत किया। 

अजीत डोभाल शनिवार सुबह करीब सात बजे अपने पूरे परिवार के साथ अपने पैतृक गांव घीड़ी स्थित बाल कुंवारी मंदिर पहुंचे। इस दौरान जब वह सड़क से करीब सौ मीटर तक मंदिर की तरफ चले तो ग्रामीणों ने ढोल दमाऊ से उनसा स्वागत भी किया। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अपनी पत्नी और बड़े बेटे के साथ गांव की वार्षिक पूजा में हिस्सा लिया।  साथ ही मंदिर समिति को डेढ़ लाख रुपेय का दान भी दिया।

एक घंटे तक परिवार के सदस्यों के साथ कुलदेवी बाल कुंवारी की पूजा-अर्चना के बाद अजीत डोभाल और उनके परिवार ने ग्रामीणों से मिले और उनके हालचाल जाने और ग्रामीणों को अपने गांव के विकास के लिए हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर घीड़ी गांव के ग्रामीणों ने बताया की अजीत डोभाल जी ने उनसे मिलकर गांव के विकास संबंधि तमाम मुद्दों पर उनसे जानकारी ली और गांव में बुर्जगों का आशीर्वाद भी लिया। ग्रामीणों ने बताया की डोभाल जी ने गांव के लोगों से अपनी संस्कृति अपनी परंपराओं और अपनी रीति-रिवाजों को बचाए रखने की अपील भी की,साथ ही गांव में रोजगार संबंधित योजनाएं चलें। इसके लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया। इसके बाद अजीत डोभाल जी अपने परिवार के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए।  

आपको बता दें कि हर साल 22 जून को अजीत डोभाल के गांव घीड़ी में कुलदेवी मां बाल कुंवारी की पूजा होती है। इससे पहले अजीत डोभाल साल 2014 में भी 22 जून को ही वार्षिक पूजा में हिस्सा लेने अपने गांव घीडी पहुंचे थे। पहाड़ और गांव के प्रति लगाव ही उन्हें यहां खींच लाता है। इस दौरान उन्होंने मीडिया से दूरी बनाई रखी। स्थानीय लोगों का कहना है की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार होने के बाद भी अजीत जी उच्च पद पर आसीन होने के बाद भी अपने गांव के प्रति लगाव रखते है।  जो प्रवासियों को अनोखा संदेश देता हैं। 



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