बृहस्पतिवार, 17 अक्टूबर 2019 | 02:05 IST
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‘घर-घर चिकित्सा सेवा कार्यक्रम’ तहत एम्स पहाड़ के दूरस्थ गांव तक पहुंचाएगा स्वास्थ्य सेवाएं


उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में एम्स ऋषिकेश घर-घर चिकित्सा सेवा कार्यक्रम के तह्त स्वास्थ्य की सेवाएं पहुंचाएगा। एम्स ऋषिकेश ने दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में भी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने का निर्णय लिया है। जिसके बाद राज्य की जनता को अपने स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए कहीं ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इसके लिए एम्स ऋषिकेश ने राज्य में एक नई पहल शुरु की है। इससे दूरस्थ ग्रामीणों को काफी राहत मिलने की उम्मीद दिखाई दे रही है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग की ओर से टिहरी जिले के कोटेश्वर क्षेत्र के गांवों में हाउस होल्ड केयर प्रोग्राम ‘घर-घर चिकित्सा सेवा कार्यक्रम’ आयोजित किया जा रहा है। बीते मार्च माह में शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत संस्थान से प्रशिक्षित मेडिकल सोशल वर्कर्स स्थानीय लोगों के ब्लड प्रेशर, सुगर आदि की जांच करते हैं, साथ ही इस कार्यक्रम के तहत मरीजों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराते हैं।
इस बारे में एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि संस्थान उत्तराखंड के हर गांव व स्वास्थ्य सुविधाओं से विहीन क्षेत्रों तक सीएफएम विभाग के आउटरीच सेल के माध्यम से समय-समय पर इस तरह के अ​भियान व शिविरों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सततरूप से कार्य कर रहा है।

श्री कांत ने बताया कि इसके अलावा संस्थान की ओर से पीपलकोटी चमोली, नारायणकोटी रूद्रप्रयाग, हरिद्वार व मुजफ्फरनगर के सुदूरवर्ती गांवों, ऋषिकेश नगर क्षेत्र की समीपवर्ती मलीन बस्तियों कृष्णानगर कॉलोनी, नंदूफार्म, इंदिरानगर, सर्वहारानगर, प्रगति विहार, रायवाला आदि इलाकों में नियमित तौर पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर जरुरतमंद लोगों को चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं।
एम्स के कम्यूनिटी एंड फेमिली मेडिसिन विभाग की आउटरीच सेल के नोडल अधिकारी डा. संतोष कुमार ने बताया कि कोटेश्वर, टिहरी क्षेत्र के गांवों में चिकित्सा सेवा शिविर में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे मेडिकल सोशल वर्करों को इस मॉडल के लिए बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया है, साथ ही टीम के माध्यम से क्षेत्र में पाई जाने वाली बीमारियों से जुड़े आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। जिससे भविष्य में उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर इन क्षेत्रों में पाई जाने वाली खतरनाक बीमारियों की रोकथाम के लिए एम्स संस्थान उपयुक्त कदम उठा सके।
उन्होंने बताया कि कोटेश्वर के समीपवर्ती चंगोरा, धर्माघाट, पैडा, सौंटियाल, क्यारी, कोटेश्वर आदि इलाकों में नर्सिंग ऑफिसर आकाश की अगुवाई में एमएसडब्ल्यू प्रशंसा, गौरव, सुरेश आदि टीम मेंबरों को बीते माह मार्च से प्रत्येक महीने 10 से 15 दिन के लिए सर्वे कार्य व स्वास्थ्य सेवा के लिए लगाया गया है।

 



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