बृहस्पतिवार, 29 अक्टूबर 2020 | 07:52 IST
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नैनीताल के बच्चों ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए पेश की मिसाल..


नैनीताल के बच्चों ने एक बड़ी मिसाल कायम की है। जिसकी वजह से इन बच्चों की खूब तारीफ हो रही है।मिड डे मील योजना के तहत ऑनलाइन आयोजित की जा रही दो प्रतियोगिताओं में इस जिले के सर्वाधिक 2885 बच्चे भाग ले रहे हैं। अन्य किसी भी जिले के बच्चों की भागीदारी इस संख्या के 50 फीसद को भी छू नहीं पा रही है। शासन की नाक के नीचे देहरादून जैसे जिले से नाममात्र की भागीदारी है। है न चिंता की बात। इस जिले से कम प्रतियोगी सिर्फ बागेश्वर में हैं, मात्र 24 बच्चे। क्विज में भारतीय पारंपरिक भोजन, जलवायु, उत्सवों के भोजन और उनका पोषण से संबंधों पर ऑनलाइन सवाल पूछे जा रहे हैं, जवाब दीजिए और तुरंत एनसीईआरटी से ऑनलाइन सर्टिफिकेट लीजिए। दूसरी प्रतियोगिता में चित्रों व शब्दों को मिलाकर मीम बनाना है। राज्य के 7086 बच्चे इन प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं। मीम संबंधी प्रतियोगिता से चार जिले नदारद हैं।

 

उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षकों को राहत बंधाने वाली खबर भी है तो एक वाकये ने शर्मसार भी कर दिया। स्कूली शिक्षकों की तर्ज पर पहली दफा सरकारी व सहायताप्राप्त डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को राज्यस्तरीय डॉ भक्तदर्शन उत्कृष्टता पुरस्कार मिला। वर्षों से इसकी मांग की जाती रही है। सरकार ने वायदा किया और निभा के भी दिखा दिया। इस खुशी के बीच ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर के एक सरकारी डिग्री कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. एसके श्रीवास्तव अपनी हरकत की वजह से चर्चा में आ गए। कोरोना काल में सार्वजनिक स्थान पर मास्क नहीं पहनने पर मिली नसीहत इन्हें नागवार गुजरी। जनाब ने महिला पुलिस कर्मचारी के साथ बदसलूकी कर दी। इस वजह से इन्हें दस दिन जेल की हवा खानी पड़ी। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो उन्होंने भी निलंबित करने का आदेश दिया। इस घटना से उच्च शिक्षा महकमे और  शिक्षको की छवि को खासा झटका लगा है। इन बच्चो को जो भी देख रहा है। बेहद खुश हो रहा है।

 

 



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