सोमवार, 27 सितंबर 2021 | 04:16 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना का शुभारम्भ किया जाय          विश्व पर्यटन दिवस पर सीएम पुष्कर धामी ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं          भाजपा की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानाती श्रीनिवासन ने कहा,पीएम मोदी के कार्यकाल में मातृशक्ति सबसे ज्यादा मजबूत हुई है          सीएम पुष्कर धामी हरिद्वार में ब्रह्मलीन वीतराग सन्त शिरोमणि स्वामी वामदेव जी महाराज की प्रतिमा का किया अनावरण          उत्तराखण्ड में भी होगा वन्दे भारत ट्रेन का संचालन          उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला,राज्य कर्मियों का महंगाई भत्ता 11 फीसद बढ़ा          चार धाम यात्रा के लिए अब तक 42 हजार तीर्थ यात्रियों ने किया रजिस्ट्रेशन          रक्तदान के लिए हर व्यक्ति को आगे आने की जरूरतः त्रिवेंद्र रावत          उत्तराखंड की चार धाम यात्रा से हटी रोक         
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उत्तराखंड में शुरू नहीं हो सकेगी चार धाम यात्रा


हिंदू धर्म में आस्था रख ने वाले लोगों के लिए उत्तराखंड के चार धाम बहुत महत्व रखते हैं। हर साल गंगोत्री धाम, यमनोत्री धाम, बद्रीनाथ  और केदारनाथ धाम के दर्शन करने के लिए हजारों लोग आते हैं। पिछले साल और इस साल कोरोना महामारी के चलते कई सारे लोग चार धाम नहीं कर पा रहे हैं। इस बीच उत्तराखंड हाई कोर्ट की तरफ से भी चार धाम यात्रा को लेकर एक बड़ा फैसला  सुनाया गया है।
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रघुवेंद्र सिंह चौहान और जस्टिस आलोक वर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार को चारधाम यात्रा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया  बनाकर उसे 21 जून तक अदालत में दाखिल करने और 23 जून को मामले की सुनवाई की अगली तारीख पर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य सचिव और अपर पर्यटन सचिव को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए अदालत में पेश होने के निर्देश भी दिए।
जिसके बाद अदालत में पेश हुए पर्यटन सचिव दिलीप जावलकार द्वारा चारधाम के संबंध में दाखिल हलफनामे से असंतुष्ट कोर्ट ने कहा कि सरकार ने केवल यह बताया है कि चारधाम यात्रा 22 जून तक के लिए प्रतिबंधित है लेकिन इसमें कोई स्पष्टता नहीं है कि उसके बाद चरणबद्ध तरीके से चारधाम यात्रा शुरू होगी या नहीं? खंडपीठ ने कहा कि आखिरी क्षण में निर्णय लेने के दुष्परिणाम होते हैं और कुंभ के दौरान भी अंत समय में अधिसूचना जारी होने के कारण व्यवस्था के अनुपालन में कठिनाई आई थी। इस खबर सामने आने के बाद उन लोगों को झटका लगा है जो लोग चार धाम यात्रा खुलने का इंतजार कर रहे थे।



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