बृहस्पतिवार, 8 दिसम्बर 2022 | 03:54 IST
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विचार

सशस्त्र सेना झण्डा दिवस क्यों मनाया जाता है ?

हमें अपनी सशस्त्र सेना के शौर्य, पराक्रम और बलिदान का निरंतर स्मरण करते रहना चाहिए और उनके परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट करना चाहिए । सभी को सशस्त्र सेना झंडा दिवस की शुभकामनाएं । और पढ़ें »

बाबरी मस्जिद से राम मंदिर और कार सेवकों की शहादत के 30 साल

आज अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है जिसके लिए 500 वर्षों से संघर्ष चलता रहा 70 वर्षों से कई बार आंदोलन भी हुआ और 6 दिसंबर 1992 में उस विवादित ढांचे को भी गिरा दिया गया। 6 दिसंबर की यह तिथि अयोध्या के लिए बेहद खास माना जाता है। और पढ़ें »

क्रिप्टोकरेंसी को कैसे टक्कर देगा डिजिटल रुपी ?

यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू में चारो शहरों में सीमित होगा, जिसमें मुबंई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर शामिल है। बाद में अहमदाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोचि, लखनऊ, पटना और शिमला को भी इसमें शामिल किया जएागा। और पढ़ें »

बार-बार क्यों कांप रही है धरती, क्या किसी बड़े ख़तरे की आशंका है ?

देशभर में लगातार आ रहे भूकंप की वजह से डोलती धरती से डरना जरूरी है! देशभर में 08 हजार बार रोजाना 2.0 तक की तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। जबकि, उत्तराखंड में इस साल-2022 अभी तक 700 से अधिक छोटे-बड़े भूकंप आ चुके हैं। हालांकि ज्यादातर भूकंप तीन मेग्नीट्यूड से कम के थे। कुल मिलाकर उत्तर भारत के कई राज्यों में भूकंप की आशंका बनी हुई है। और पढ़ें »

दिल्ली छावला गैंगरेप केस- न्यायिक भरोसे पर चोट

हाल ही दिल्ली छावला गैंगरेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने फाँसी की सजा को बदलकर किरण नेगी के क़ातिलो को बाइज़्ज़त बरी कर दिया है। इस फैसले को लेकर देश भर में आक्रोश है। और पढ़ें »

पाकिस्तान में ‘गृहयुद्ध’ करा देंगे इमरान ख़ान ?

'हकीकी आजादी' मार्च के दौरान इमरान ने पाक पीएम शहबाज शरीफ के अलावा सेना और आईएसआई को भी जोरदार निशाने पर रखा। सवाल उठता है कि इमरान के इस 'हकीकी आजादी' मार्च का मकसद क्या है। दरअसल इमरान भले ही अपना मकसद हालांकि पाकिस्तानी आवाम की बेहतरी और पत्रकार अरशद शरीफ के हत्यारों को सजा दिलाना बता रहे हों, लेकिन ये जगजाहिर है कि वो देश में मध्यावधि चुनाव और आर्मी चीफ की नई तैनाती को रोकना चाहते हैं। और पढ़ें »

टिंचरी माई उर्फ दीपा देवी- उत्तराखण्ड की महिलाओं का अभिमान

वे मानती थी कि हमने अंग्रेजों के अवगुण तो लिये, किन्तु सद्गुणों के प्रति गुणग्राही माई यह स्वीकार करती थी कि यदि कोई हिन्दुस्तानी होता तो शायद मेरा पैंसा लूट कर मुझे भी बेच खाता और पढ़ें »

इतने सालों बाद भी युवाओं के दिल में बसते हैं शहीद भगत सिंह

उन अमर क्रांतिकारियों के बारे में आम मनुष्य की वैचारिक टिप्पणी का कोई अर्थ नहीं है। उनके उज्ज्वल चरित्रों को बस याद किया जा सकता है कि ऐसे मानव भी इस दुनिया में हुए हैं, जिनके आचरण किंवदंति हैं। भगतसिंह ने अपने अति संक्षिप्त जीवन में वैचारिक क्रांति की जो मशाल जलाई, उनके बाद अब किसी के लिए संभव न होगी। "आदमी को मारा जा सकता है उसके विचार को नहीं। बड़े साम्राज्यों का पतन हो जाता है लेकिन विचार हमेशा जीवित रहते हैं और बहरे हो चुके लोगों को सुनाने के लिए ऊंची आवाज जरूरी है।" बम फेंकने के बाद भगतसिंह द्वारा फेंके गए पर्चों में यह लिखा था। और पढ़ें »

सियासत की शतरंज में नीतीश ने वही चाल क्यों चली जो मोदी चाहते थे ?

यानी नीतीश भले संभल कर चल रहे हों, लेकिन गलती वही करने लगे हैं जो मोदी चाहते हैं। ऐसा करना उनकी मजबूरी भी है, क्योंकि गुजरात और हिमाचल के विधानसभा चुनावों में अगर केजरीवाल को आधी कामयाबी भी मिल गई तो वे सीधे मोदी के टक्कर में आ जाएंगे और फिर तुलना शुरू हो जाएगी। इसी तुलना से बचने के लिए नीतीश शुरू में ही बढ़त बनाकर चलना चाहते हैं। और पढ़ें »

रिसर्च- अब इंसान का बुढ़ापा आना रुक जाएगा, 80 साल तक रहेगी जवानी

दुनिया की तीन बड़ी प्रयोगशालाओं में ये रिसर्च चल रही है कि इंसान का बुढ़ापा कैसे रोका जा सकता है और उसकी जवानी कैसे बढ़ाई जा सकती है। इनमें से एक के जो नतीजे आएं है, उसने दो बातें तय कर दी हैं, पहली- इंसान की उम्र 200 साल तक हो सकती है, दूसरी आज जिनकी उम्र 40 साल से नीचे हैं, वे पहली वाली लिस्ट में शामिल हो सकते हैं। और पढ़ें »

दिल्ली में ‘बवाल’, आप में उबाल’, बीजेपी का ‘धमाल’

क्या केजरीवाल सरकार पर इस बार मोदी सरकार ने पूरी तरह शिकंजा कस लिया है। इस बार मनीष सिसौदिया की गिरफ्तारी के साथ ही ‘आप’ पर सबसे बड़ा सियासी हमला होगा ? और पढ़ें »

‘राइट टू रिपेयर’ कानून- ‘एक तीर से कई निशाने’ लगाएगी मोदी सरकार

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप अपने खराब मोबाइल को ठीक कराने के लिए किसी कंपनी के कस्टमर केयर में गए और आपको मोबाइल का पार्ट्स रिपेयर करने या दूसरा लगाने की इतनी भारी कीमत बता दी गई, आप चकरा गए। आपको लगने लगा कि मरम्मत की जो रकम ये बता रहे हैं, उसमें थोड़ा सा पैसा और लगाकर आप नया मोबाइल ही खरीद सकते हैं। और पढ़ें »

‘रेवड़ी कल्चर’ पर मोदी का बयान कहीं ‘बड़े ख़तरे’ का संकेत तो नहीं ?

पीएम मोदी ने ‘रेवड़ी कल्चर’ यानी मुफ्त बांटने की सरकारों की आदत पर आज बड़ा हमला किया। केजरीवाल जी ने इसे मौका समझकर लपक लिया और मोदी की सियासी चाल में फंस गए। श्रीलंकाई संकट और यूरोप में छाई मंदी के बरअक्श अगर रसातल में जाते रुपये को देखें तो कल आप किसको जिम्मेदार ठहराने वाले हैं ? और पढ़ें »

महाराष्ट्र में बीजेपी का मास्टर स्ट्रोक, एकनाथ को सीएम बनाकर उद्धव से ‘हिसाब’ बराबर किया

महाराष्ट्र की सियासत में आज जो ट्विस्ट आया है, उसने राजनीति के पंडितों को भी हिला दिया है। सारे मीडिया चैनल्स और धुरंधर रिपोर्टर भी ये खबर नहीं निकाल पाए थे, बीजेपी ऐसा भी कर सकती है। जी हां, शिवसेना के बागी एकनाथ शिन्दे को सीएम की कुर्सी सौंपकर बीजेपी आलाकमान ने एक तीर से कई निशाने साध दिए हैं। और पढ़ें »

क्या वाकई हमारे देश में राष्ट्रपति पद की जरूरत है?

क्या वाकई हमारे देश में राष्ट्रपति पद की जरूरत है? सोशल मीडिया पर अचानक ये बहस तेज हो गई है। जब राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री की मर्जी से ही सारे काम करने हैं, तो फिर उस पर इतना भारी भरकम खर्चा क्यों किया जाता है ? और पढ़ें »
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