बुधवार, 16 जून 2021 | 06:25 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
श्री बदरीनाथ धाम के क्षेत्रपाल श्री घंटाकर्ण महाराज जी के सीमांत ग्राम माणा स्थित मंदिर के कपाट खुले          मुख्यमंत्री तीरथ रावत ने दिल्ली में कई केंद्रीय मंत्रियों से की भेंट          सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सैन्यधाम के निर्माण में मदद तथा छावनी क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न विषयों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की भेंट          दिल्ली-रामनगर कार्बेट इको ट्रेन को मिली सैद्धान्तिक मंजूरी          मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से की भेंट          राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कुमाऊँ मंडल में कोरोना नियंत्रण से सम्बन्धित स्थिति की की समीक्षा          राम जन्मभूमि खरीद में नहीं हुआ कोई घोटाला          न्यूजीलैंड का मैच विराट के लिए बनेगा सबसे बड़ी चुनौती          मसूरी टनल के कार्य का अक्टूबर में उद्घाटन करेंगे केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी          पौड़ी के रांसी स्टेडियम में बनेगा हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर          उत्तराखण्ड में क्राफ्ट टूरिज्म विलेज स्थापित कर इसे होम स्टे से जोङने पर दे जोर- स्मृति जुबिन ईरानी          चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्‍तरकाशी के लोगों के खुली चारधाम यात्रा         
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विचार

पर्यावरण बचेगा तभी तो जीवन बचेगा

आज दुनियाभर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन को मनाने का प्रमुख उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है। और पढ़ें »

चिपको आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय सुंदरलाल बहुगुणा की याद में ‘हमारी महिला टोली’ संस्था ने वेबिनार के

चिपको आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय सुंदरलाल बहुगुणा की याद में ‘हमारी महिला टोली’ संस्था ने वेबिनार के माध्यम दी श्रद्धाजंलि और पढ़ें »

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आपको ये जरूर जानना चाहिए

देश में आज ही हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जा रहा है। हिंदी पत्रकारिता दिवस देश के इतिहास के लिए एक खास दिन है। इसलिए ये हर साल आज के दिन मनाया जाता है। और पढ़ें »

कोरोना काल में मीडिया का अहम योगदान

देश में जब इस समय कोरोना संक्रमण अपना कहर बरपा रहा है,और डॉक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ योद्धाओं की भांति मैदान में डटे हुए हैं,तो वहीं एक तरफ़ संपादक,पत्रकार,अपनी कलम, अपनी आवाज़ के ज़रिए लोगों को जागरूक करने का,उन तक जानकारी पहुंचने का काम करके ये साबित कर रहे हैं कि मीडिया को यूंही लोकतंत्र का चौथा स्तंभ नहीं कहा जाता। और पढ़ें »

बिखरते रिश्तों को ऐसे संभालें!

टूटते-बिखरते रिश्तोंको लेकर काफी परेशान रहते हैं। कुछ लोग तो इनके टूटनेसे इतने आहात हो जाते हैं और पढ़ें »

पुलिस वालों की जिंदगीं का कड़वा सच

अपने देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 24 घंटे तत्पर रहने वालें पुलिस की जिंदगी का एक ऐसा सच जिसको सुनकर आप ...... और पढ़ें »

शांत स्वभाव वाले लोग, बुद्धिमान होते है जानिये कैसे ?

जिन्दगी को बेहतर जीने के लिए डिग्री, पैसा की जरूरत नहीं होती, बल्कि शांत स्वभाव.... और पढ़ें »

महान व्यक्तित्व स्वामी विवेकानंद जी के महान विचार

महान व्यक्तित्व स्वामी विवेकानंद जी के महान चरित्र को अपने जीवन में जरूर..... और पढ़ें »

पिछड़ेपन से निपटने के लिए ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण ...

राज्य सरकार का कृषि क्षेत्र पर नए सिरे से बल देना गरीबी को पूरी तरह से समाप्त करने और देश की विकास गाथा,,, और पढ़ें »

मकड़ी के जालों से अटी वीरांगना

मकड़ी के जालों से अटी वीरांगना तीलू रौतेली व उनकी बिंदुली घोड़ी की कौन सुध लेगा! (मनोज इष्टवाल) रिंगवड़ा रावतों की बेटी व पूर्व काबीना मंत्री अमृता रावत ने 2006 में वीरांगना तीलू रौतेली के पराक्रम की गाथाओं को झांसी की राणी जैसा और पढ़ें »

डाॅ. मुरली मनोहर जोशी

डाॅ. मुरली मनोहर जोशी ऐसी शख्सियत हैं जो भारतीय राजनीति में ज्ञान-विज्ञान, शिक्षा, संस्कृति, अर्थ और अध्यात्म का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दूसरी तरफ बसंती बिष्ट को लोक संस्कृति की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन का श्रेय जाता है। दोनों प्रतिभाओं को पद्म सम्मान इस सम्मान की गरिमा की दृष्टि से उचित है और पढ़ें »

आपकी सोच को बदल सकते हैं ये प्रेरणादायक विचार

कभी कभी सिर्फ एक शब्द एक वाक्य या एक विचार हमारी जिंदगी बदल सकता है। कभी कभी कोई बात हमारे मन को ऐसी भाती है जिससे हमारी सोच पूरी तरह से बदल जाती है.... और पढ़ें »

आजाद भारत में उत्तराखंड के गांवो की यह कैसी दुर्दशा !

जब हमारी परवाह नहीं तो वह 2017 में किसी भी राजनैतिक पार्टी को वोट नही देंगे। यदि इस सोच ने चिंगारी पकड़ ली तो दो दर्जन गाँवों के ग्रामीणों का हज़ारो वोट ना पढ़ना किसी भी पार्टी का समीकरण बिगाड़ सकता है। और पढ़ें »

आखिर क्यों राजनीति की बलि चढ़ते जा रहे हैं गांव ?

रोजगार को लेकर रोटी की डूढ़ में मौकों को तरासती आज की पीढ़ी के लिए, शिक्षा की समुचित व्यवस्था का अभाव और खेती में आने वाली मुश्किलों ने हमेशा से यहां के लोगों को अपनी जड़ों को छोडऩे के लिए मजबूर किया है। उत्तराखंड में पलायन अब इस हद तक पहुंच गया है कि यहां के गांव तेजी से वीरान होते जा रहे हैं। और पढ़ें »

नया साल, नया नजरिया

अपने को नये रूप से तैयार करना मतलब कि पूरानी यादो को भूलकर अपने को नये एंगल से तैयार करना ही तो नया साल है। पूरानी यादो को भूलकर नयी नए साल के मौके पर अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों और अपने प्यार करने वालों के साथ सेलिब्रेशन करना । और पढ़ें »
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