शनिवार, 10 जून 2023 | 06:57 IST
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चारधाम यात्रा से मिलते हैं कितने शुभ फल, पूरा महत्व जान लीजिए

चार धाम की यात्रा करने से व्यक्ति को नए अनुभव तो होते ही हैं साथ ही हमारी स्मृतियां और सोच भी बढ़ती है। और तो और यात्रा करने से प्रकृति गांव और कस्बों के अलग-अलग नजारे देखने को मिलते हैं। और पढ़ें »

उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच की बैठक में फैसला, इस बार गढ़वाली, कुमाउंनी के साथ नाटक और लोकगीत भी

उत्तराखण्ड लोक-भाषा साहित्य मंच के संरक्षक डॉ विनोद बछेती जी ने बताया कि हमारी कोशिश है कि हम दिल्ली एनसीआर में रह रहे नौनिहालों को अपनी मातृ भाषाओं के साथ-साथ नाटकों एवं लोकगीतों से भी अवगत करवायें। और पढ़ें »

लोक भाषाओं के लेखकों को हर साल मिलेगा उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान

वर्ष 2014 के बाद पहली बार मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड भाषा संस्थान की प्रबंध कार्यकारिणी सभा की बैठक हुई। बैठक में सीएम ने कहा कि लोक भाषाएं व बोलियां हमारी पहचान व गौरव हैं।आगामी मई में भव्य समारोह आयोजित कर उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित किया जाएगा। और पढ़ें »

उत्तराखण्ड मूल के महान हिन्दी साहित्यकार शेखर जोशी की कालजयी कहानी- ' कोसी का घटवार'

वर्षों पहले उठे हुए ज्वार और तूफान का वहां कोई चिह्न शेष नहीं था। अब वह सागर जैसे सीमाओं में बंधकर शांत हो चुका था। और पढ़ें »

उत्तराखण्ड के बच्चों का बाल पर्व - फूलदेई त्योहार

बच्चे इस त्योहार के आगमन के लिए, कुछ विशेष तैयारी फाल्गुन मास में ही कर लेते हैं। इसमें सबसे पहला काम होता है रिंगाल से बनी सुन्दर और सजीली टोकरी बनाना। और पढ़ें »

उत्‍तराखंडी होली में दूसरों को 'गाली' देने का रिवाज, हंसाने के लिए ठिठोली

कुमाऊं में होली का खुमार सिर चढ़ कर बोल रहा है। होली में हंसी ठिठोली के साथ एक दूसरे को चिढ़ाने की भी स्वस्थ परंपरा है। काली कुमाऊं में तो चीर बंधन या होलिका स्थापना पर धार या चोटी से नीचे के समीप के गांव को सामूहिक रूप से गाली देने की भी परंपरा है। और पढ़ें »

चन्द्रकुँवर बर्त्वाल की कविताओं में गढ़वाल हिमालय का ख़ूबसूरत वर्णन

कवि चन्द्रकुँवर बर्त्वाल ने पृथ्वी और आकाश के बीच फैले हिमालय और हिमालयी पर्यावरण को अपने साहित्य का कथोपकथन ही नहीं बनाया बल्कि शब्दों में उन चित्रित बिम्बों को खींचकर पाठकों के मन मस्तिष्क पर अमिट रूप से अंकित कर दिया- रोवेगी रवि के चुम्बन से अब सानंद हिमानी गूँज उठेगी अब गिरि गिरि के उर से उन्मद वाणी और पढ़ें »

बैठे ठाले- पहाड़ी ज्योतिषी का किस्सा

इतनी देर बाद जाकर चाचा की समझ आया कि ये जन्मजात पक्के बहरे हैं । इशारों में बात करनी चाहिए थी.... नमस्कार के उत्तर में उन्होंने तुरन्त हाथ जोड़े और जी रया भी कहा है । और पढ़ें »

उत्तराखंड का ये नौला बना राष्ट्रीय धरोहर

उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा में स्यूनराकोट के प्राचीन नौले को राष्ट्रीय महत्व का प्राचीन स्मारक घोषित करने का फैसला किया गया है। और पढ़ें »

सफ़र हमारे-यात्रा वृत्तांत और डायरी-एक संकलन,जिदंगी का सफ़रनाम

सफ़र हमारे-यात्रा वृत्तांत और डायरी-एक संकलन,जिदंगी का सफ़रनाम और पढ़ें »

दिल्ली में स्वर्गीय कन्हैयालाल डंडरियाल की 18वीं पुण्यतिथि पर उनके व्यक्तित्व व कवित्व पर चर्चा

दिल्ली में स्वर्गीय कन्हैयालाल डंडरियाल की 18वीं पुण्यतिथि पर उनके व्यक्तित्व व कवित्व पर चर्चा और पढ़ें »

सीएम पुष्कर धामी ने किया उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी के उपन्यास भंवर एक प्रेम कहान

सीएम पुष्कर धामी ने किया उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी के उपन्यास भंवर एक प्रेम कहानी का विमोचन और पढ़ें »

लेखक अमित श्रीवास्तव के कहानी संग्रह कोतवाल का हुक्का पर चर्चा व लेखक से संवाद का आयोजन

लेखक अमित श्रीवास्तव के कहानी संग्रह कोतवाल का हुक्का पर चर्चा व लेखक से संवाद का आयोजन और पढ़ें »

उत्तराखंड के महानायक पुस्तक का सीएम पुष्कर धामी ने किया विमोचन

उत्तराखंड के महानायक पुस्तक का सीएम पुष्कर धामी ने किया विमोचन और पढ़ें »

पत्रकार-कवि शिवप्रसाद जोशी को प्रथम चाक कविता सम्मान

पत्रकार-कवि शिवप्रसाद जोशी को प्रथम चाक कविता सम्मान और पढ़ें »
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