शनिवार, 18 नवंबर 2017 | 11:46 IST
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शीतकालीन बारिश ऐसे लगाएगी वायु प्रदूषण पर लगाम!


मौसम विभाग ने अनुमान जारी कर उत्तराखंड में तीन दिन हल्की शीतकालीन बारिश की संभावना जताई है, जिसकी शुरुआत तीन पर्वतीय जिलों से होगी। जहां शीतकालीन बारिश से तापमान में गिरावट की संभावना जताई जा रही है, तो वहीं माना जा रहा है कि दिल्ली के बाद प्रदूषण के मामले में आगे चल रहे उत्तराखंड के लिए शीतकालीन बारिश संजीवनी साबित होगी। जी हां, बता दें कि इस पहली शीतकालीन बारिश से सूबेभर में वायु प्रदूषण का स्तर घटेगा और खेती-किसानों को राहत कुछ हद तक इससे राहत मिलेगी। 

 

 

उत्तराखंड में भले ही दिल्ली जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से वातावरण में खुश्की अधिक है और धूल के कणों की अधिकता बढ़ते वायु प्रदूषण का साफ अहसास करा रही है। गौरतलब है कि हालिया आंकड़ों में उत्तराखंड की राजधानू दून को स्मॉग की मार झेल रही दिल्ली के बाद दूसरे नंबर पर रखा गया गया था। साथ ही संभावना जताई गई थी कि आगामी पांच सालों तक प्रदूषण का स्तर ऐसा ही रहने से राजधानी दून दिल्ली का रिकॉर्ड तोड़ेगी। देहरादून आइएसबीटी में सस्पेंडेंट पार्टिकुलेट मैटर यानी श्वसनीय निलंबित ठोस कण इन दिनों 400 का आंकड़ा पार कर चुका है, जो आमतौर पर 300 के आसपास रहता था। वहीं, दून के अलावा अन्य मैदानी क्षेत्र भी इसी समस्या से जूझ रहा हैं जिसका सीधा असर जममानस की सेहत पर पड़ रहा है। उधर, अब तक मानसून सीजन की शीतकाल बारिश नहीं होने से किसानों के माथों पर भी चिंता की लकीरें उभरने लगी हैं और ऐसे में सभी इंद्रदेव के मेहरबान होने की राह देख रहे हैं। 

 

 

मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में तीन दिन तक शीतकाल की पहली बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार पश्चिमी हवा में द्रोणी और पंजाब व हरियाणा में बने सर्कुलेशन के मेल से उत्तराखंड में 13 से 15 नवंबर तक हल्की वर्षा और चोटियों पर बर्फ गिरने की संभावना बन रही है। उन्होंने बताया कि सोमवार को चमोली, उत्तरकाशी व पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की वर्षा और बर्फ पडऩे की संभावना है। 14 व 15 नवंबर को राज्य के ज्यादातर स्थानों में वर्षा और चोटियों पर बर्फबारी हो सकती है। उन्होंने कहा कि बारिश होने से वायु प्रदूषण का लेवल घटेगा, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन तापमान घटने से ठंड में इजाफा भी होगा।



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