बृहस्पतिवार, 20 सितंबर 2018 | 08:58 IST
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बसपा प्रत्याशी का राज्यसभा चुनाव में समर्थन कर मायावती पर क्यों मेहरबान हो रही कांग्रेस?


2019 के चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे यूपी की राजनीति में वे अंदेखे रंग देखने को मिल रहे हैं, जिसकी आज से पहले ना तो किसी ने कल्पना की और न ही किसी ने सोचा होगा। उपचुनाव में सपा और बसपा के एक होने के बाद अब राहुल और मायावती भी एक होते नजर आ रहे हैं। जी हां, आप भी सोच रहे होगें कि कट्टर विरोधी कैसे एक हो गये तो आपको बता दें....

 


कांग्रेस ने राज्यसभा के आगामी चुनाव  में यूपी से बसपा उम्मीदवार के समर्थन का फैसला किया है। कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय सिंह लल्लू ने बताया कि आज सुबह कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई और काफी बात-चीत के बाद तय किया गया है कि हम चुनाव में बसपा उम्मीदवार को वोट देंगे, उन्होंने कहा, 'हमने सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ धर्म निरपेक्ष ताकतों से हाथ मिलाने का फैसला किया है, हमने बसपा उम्मीदवार को मत देना तय किया है।' 

 


आपको बता दें, यूपी में बसपा के पास 19 विधायक हैं, उसे अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए 18  मतों की और आवश्यकता होगी। बसपा ने भीमराव आंबेडकर को अपना प्रत्याशी बनाया है, सपा के पास 47 विधायक हैं और उसने जया बच्चन को प्रत्याशी बनाया है। जया बच्चन को आवश्यक मत पड़ने के बाद भी सपा के पास दस अतिरिक्त वोट बचेंगे। कांग्रेस के सात और रालोद का एक वोट जुड़ गया तो बसपा का उम्मीदवार जीतने की स्थिति में होगा, इस समीकरण को देखकर तो ऐसा ही  लगता है कि विपक्ष एकजुट होकर मोदी सरकार को 2019 में कड़ी टक्कर देने के लिये प्लानिंग कर रहा है। अगर ऐसे ही सपा बसपा और कांग्रेस के साथ विपक्ष जुड़ गया तो 2019 में पीएम मोदी के जीत का विजयरथ जरूर रूक सकता है।

 



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