शनिवार, 18 नवंबर 2017 | 11:52 IST
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सोशल मीडिया के बाद सियासत में छाई क्यों पद्मावती?


रानी पद्मावती की जिंदगी पर आधारित फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर लंबे वक्त से विवाद चला आ रहा है। हाल ही में फिल्म के नए गाने में आभिनेत्री दीपिका पादूकोण और उनके काबिल-ए-तारीफ नृत्य ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थी, लेकिन अब ये ही फिल्म बीजेपी की एंट्री से एक बार फिर सुर्खियां बटोर रही है।

पद्मावती पर एक बार फिर विवाद की शुरुआत केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने की। हाल ही में उन्होंने ट्विटर पर एक ओपन लेटर शेयर किया है, जिसमें उन्होंने अलाउद्दीन खिलजी को एक व्यभिचारी हमलावर बताया है और कहा कि ‘वह रानी पद्मावती के विषय पर तटस्थ नहीं रह सकतीं’।

इस चिट्ठी में उमा भारती ने अपनी लिखा, 'तथ्य को बदला नहीं जा सकता, उसे अच्छा या बुरा कहा जा सकता है। सोचने की आजादी किसी भी तथ्य, निंदा या स्तुति का अधिकार हमें देती है। जब आप किसी ऐतिहासिक तथ्य पर फिल्म बनाते हैं, तो उसके फैक्ट को वायलेट नहीं कर सकते।' उन्होंने आगे लिखा, 'रानी पद्मावती एक ऐतिहासिक तथ्य है, जबकि अलाउद्दीन खिलजी एक व्यभिचारी हमलावर था। उसकी बुरी नजर रानी पद्मावती पर थी तथा इसके लिए उसने चित्तौड़ को नष्ट कर दिया था। रानी पद्मावती के पति राणा रतन सिंह अपने साथियों के साथ वीरगति को प्राप्त हुए थे। स्वयं रानी पद्मावती ने हजारों उन स्त्रियों के साथ, जिनके पति वीरगति को प्राप्त हो गए थे, जीवित ही स्वयं को आग के हवाले कर जौहर कर लिया था।'

इससे पहले उन्होंने कई ट्विट्स किए जिनमें उन्होंने लिखा, 'क्यों न रिलीज़ से पहले इतिहासकार, फ़िल्मकार और आपत्ति करने वाला समुदाय के प्रतिनिधि और सेंसर बोर्ड मिलकर कमिटी बनाये और वो इस पर फैसला करे।' एक और ट्वीट में उन्होंने कहा, 'रानी पद्मावती के विषय पर मैं तटस्थ नहीं रह सकती। मेरा निवेदन है कि पद्मावती को राजपूत समाज से न जोड़कर भारतीय नारी के अस्मिता से जोड़ा जाए’। जिस तरह से उमा भारती पद्मावती की इस लड़ी में कूद पड़ी हैं, वो वाकई में अब एक और नया विवाद खड़ा कर सकती है। अब ये देखना काफी दिलचस्प होगा कि ये फिल्म परदे पर क्या जादू दिखाती है।



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