शनिवार, 18 नवंबर 2017 | 11:57 IST
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BJP के खिलाफ क्यों हुआ भारतीय मजदूर संघ?


एक तरफ जहां पीएम मोदी सहित उनकी कैबिनेट के तमाम बड़े नेता गुजरात में अपनी सत्ता बचाने के लिए मैदान में उतर चुके हैं, तो वहीं अब आरएसएस से ही जुड़ा हुआ एक संगठन अब मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरने को तैयार है, जिसे देख बीजेपी सरकार की नींद उड़ी हुई है। 

 

 

दरअसल, भारतीय मजदूर संघ 17 नवंबर को सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार की नीति के खिलाफ मार्च करने वाली है। मजदूर संघ का कहना है कि मोदी सरकार की नीति आर्थिक नीति, गरीब विरोधी, श्रमिक विरोधी और कर्मचारी विरोधी है। बीएमएस नेताओं का कहना है कि सरकारी कंपनियो में विनिवेश और रोजगार देने वाले उद्योगों में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के मोदी सरकार के फैसले से नाराज हैं।

 

 

इसके अलावा मजदूर संघ ने मोदी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया है। बीएमएस का कहना है कि मोदी सरकार ने मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी भी सही तरीके से लागू कर पाई है। वहीं, नोटबंदी से प्रभावित मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा भी नहीं है। इसी से नाराज बीएमएस के कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर संसद तक मार्च करेंगे। 

 

 

बहरहाल, जिस तरह से भारतीय मजदूर संघ बीजेपी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर मार्च करने जा रही है। ज़ाहिर है कि इसका असर कहीं ना कहीं गुजरात चुनाव पर भी पड़ने वाला है, क्योंकि मजदूर संघ आरएसएस से जुड़ा हुआ ही एक संगठन है। ऐसे में बीजेपी की चिंता बढ़ना भी तय है, क्योंकि एक तरफ गुजरात की सियासी हवा बीजेपी के अनुकूल नहीं है और संगठन के प्रदर्शन का असर चुनाव पर भी पड़ने की उम्मीद है। 



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