शुक्रवार, 16 नवंबर 2018 | 08:17 IST
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सेब की खेती करने वाले किसान को क्यों कर रहे हैं बर्फबारी का इंतजार


उत्तराखंड जिले के सीमांतवर्ती क्षेत्र उपला टकनौर पट्टी के हजारों किसान मौसमी बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। बर्फबारी के इंतजार में किसानों की आंखें पथरा गई हैं। क्योंकि किसानों को बर्फबारी ने होने से सेब की फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। और वे लगातार मौसम विभाग की ओर आंखे गढ़ाए बैठे हुए हैं कि कब क्षेत्र में बर्फबारी होने की जानकारी प्राप्त हो।

 


आपको बता दें, उपला टकनौर पट्टी के हर्षिल, सूखी, पुराली, झाला, धराली, जसपुर, बगोरी और मुखवा के एक दर्जन से अधिक गांव हैं, जिनकी करीब 90 प्रतिशत आबादी सेब की फसलों पर निर्भर रहते हैं और सेब की पैदावार होने से यहां के किसानों की रोज-रोटी चलती है। मौसमी बर्फबारी होने से सेब की फसल को इसका लाभ पहुंचता है। लेकिन इस बार क्षेत्र में अब तक जमकर बर्फबारी नहीं हुई है। स्थानीय किसान उदय रौतेला, मनोहर, जगवीर राणा ने बताया कि दिसंबर और जनवरी में पड़ने वाली बर्फबारी सेब के लिए सोने जैसी होती थी, इस महीने में होने वाली बर्फबारी ज्यादा देर तक टिकी रहती थी, इससे जमीन पर नमी के साथ-साथ सेब के पेड़ों पर लगने वाले बीमारियां दूर होती थी। जो सेब की फसलों के लिए दवा का काम करती थी। 

 


लेकिन इस बार बर्फबारी नहीं होने से सेब की पैदावार पर इसका असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने अभी क्षेत्र में बर्फबारी होने का अनुमान लगाया हुआ है। अप्रैल महीने में सेब के पेड़ों में फूल आने शुरू हो जाते हैं। तब बर्फबारी होगी तो इससे काश्तकारों को लाभ के स्थान पर नुकसान उठाना पड़ेगा।

 



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