शनिवार, 18 नवंबर 2017 | 11:57 IST
दूसरों की बुराई देखना और सुनना ही बुरा बनने की शुरुआत है।
होम | उत्तराखंड | कौन सी सुविधा देकर उत्तराखंड रचेगा इतिहास?

कौन सी सुविधा देकर उत्तराखंड रचेगा इतिहास?


मंगलवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भारत-नेपाल की सांझी संस्कृति के प्रतीक जौलजीवी मेले का उद्घाटन करने पहुंचे, जहां सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ऐसी सुविधा देने का ऐलान किया, जिसे प्रदान करके उत्तराखंड इतिहास रचेगा। दरअसल, जनवरी से चीन और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों को संचार सुविधा के लिए अब बैलून नेटवर्क सिस्टम की शुरूआत की जा रही है, जिसके साथ ही उत्तराखंड बैलून से नेटवर्क सुविधा देने वाला पहला राज्य बनेगा। उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि क्षेत्र में प्रस्तावित पंचेश्वर बांध देश के लिए महत्वपूर्ण है, लिहाज़ डूब क्षेत्र की लोगों की जरूरतें पूरा करना राज्य सरकार कर्तव्य है। 

 

 

सीमांत क्षेत्र के लिए प्रदेश सरकार को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावितों के पुख्ता विस्थापन और पुनर्वास के बाद ही परियोजना का काम शुरू होगा, जिससे लोग परंपरागत खेती को छोड़कर व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देंगें। इस दौरान लोगों से गुलाब की खेती करने का आह्वान करते हुए उन्होंने धारचूला और मुनस्यारी के लोग सहकारिता के माध्यम से खेती को बढ़ावा देने की अपील की। 

 


चिकित्सा सेवा में सुधार के लिए राज्य में हो रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश को 170 डॉक्टर मिल चुके हैं। दो हजार डॉक्टर शीघ्र ही प्रदेश को और मिलेंगे। इससे राज्य की चिकित्सा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि सेना और अर्द्धसैनिक बल के किसी जवान के शहीद होने या तैनाती के दौरान मृत्यु होने पर उसके आश्रित को राजकीय सेवा में लेने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बन गया है। इस दौरान उन्होंने जौलजीवी मेले के लिए पांच लाख रुपये देने सहित 14 घोषणाएं की। उद्घाटन अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल, धारचूला के विधायक हरीश धामी, गंगोलीहाट की विधायक मीना गंगोला, डीडीहाट के विधायक विशन सिंह चुफाल मौजूद रहे।



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: