रविवार, 19 नवंबर 2017 | 10:22 IST
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उत्तराखंड में भारी बारिस के चलते मची तबाही


इन दिनों उत्तराखंड में मौसम का मिजाज कुछ खतरनाक बना हुआ है। वहीं राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटों में छह जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। वहीं गुरुवार तड़के से ही राजधानी देहरादून और हरिद्वार के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। जिससे जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। वहीं गढ़वाल मंडल में अगस्त्यमुनि ब्लॉक के कंडारा गांव से एक किमी पहले भैरवनाथ मंदिर के पास गुरुवार रात को भूस्खलन होने से चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। मंदिर व संपर्क मार्ग को भारी क्षति पहुंची की खबर है। कल सुबह से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पूरी रात तक कोटद्वार और हरिद्वार में लोगों की सांसें अटकाए रखीं। कोटद्वार में दोपहर अलर्ट घोषित करने के साथ ही स्कूलों की छुट्टी कर दी गई। इधर, बदरीनाथ हाईवे पर 36 घंटे बाद खुलने के बाद फिर से बंद हो गया। केदारनाथ मार्ग पर भी गत दोपहर से वाहनों की आवाजाही सुचारु है। हरिद्वार में गंगा चेतावनी रेखा के ऊपर बह रही है। वहीं भट्टा गांव के पास सड़क पर मलबा आने से मसूरी देहरादून मार्ग बंद हो गया। गुजरे 36 घंटों से राज्य के गई इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने के चलते दिक्कतें बढ़ी हैं। हालांकि शहरों में कुछ हद तक सुकून रहा, लेकिन पर्वतीय जिलों में मौसम के तेवर डराते दिखे। उधर, भट्टा गांव के निकट भूस्खलन के चलते मसूरी-देहरादून मार्ग गत रात से बंद हो गया। । आपको बता दें कि कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ जिले में बारिश से भारी तबाही हुई है। यहां धारचूला के बंगापानी क्षेत्र में दो मोटर पुलों के बह जाने से क्षेत्र अलग-थलग पड़ गया है। एक दर्जन मकान ध्वस्त हो गए हैं। पीड़ित परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट किया गया है। इस बीच, बोल्डर की चपेट में आने से पिथौरागढ़ के चेरथी में चरवाहे की मौत हो गई।



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