शनिवार, 18 नवंबर 2017 | 11:44 IST
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अमेरिका-चीन ऐसे सिखाएंगे सनकी तानाशाह किम को सबक


नॉर्थ कोरिया का सनकी तानाशाह किम जोंग उन परमाणु परीक्षण के ज़रिए कई बड़े देशों को आँखें दिखाता है। यही कारण है कि नॉर्थ कोरिया अब भारत-अमेरिका के अलावा जापान और चीन समेत कई देशों के गले की फांस बन चुका है। किम जोंग उन नाम की इसी समस्या से निपटने की योजना के तहत बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एशिया दौरे पर पहुंचे और चीन पहुंचते ही उन्होंने नॉर्थ कोरिया के प्रति अपना रुख स्पष्ट कर दिया। चीनी सरजमीं से सनकी किंग किम जोंग उन को ललकारते हुए ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया के दुष्ट नेतृत्व को पूरी दुनिया के लिए खतरा बताया। साथ ही उन्होंने अमेरिका की ताकत को कम नहीं आंकने और सब्र का इम्तिहान नहीं लेने की चेतावनी भी नॉर्थ कोरा के सनकी तानाशाह को दी।

 

 

ट्रंप के एशिया दौरे को लेकर माना जा रहा है कि बीजिंग में होने वाली मीटिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नॉर्थ कोरिया के साथ व्यापार असंतुलन पर चर्चा करेंगे। ऐसा इसलिए है, क्योंकि दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात में भारी अंतर है, जिसका खामियाजा वर्षों से अमेरिका को उठाना पड़ रहा है।

 

 

राष्ट्रपति जिनपिंग को नॉर्थ कोरिया की परमाणु नीति वाली हकीकत से रूबरू कराते हुए ट्रंप ने कहा, नॉर्थ कोरिया के हथियार सभी देशों को सुरक्षित नहीं बनाकर खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि नॉर्थ कोरिया के लोगों और अधिकारी को बंधुआ जैसी जिंदगी जीने को मजबूर किया जा रहा है। इस दौरान ट्रंप ने दुनिया के देशों से नॉर्थ कोरिया को अलग-थलग करके किसी तरह का समर्थन और वस्तु का आयात-निर्यात नहीं करने का आह्वान किया। इससे पहले मंगलवार को साउथ कोरिया में भी ट्रंप ने नॉर्थ कोरियाई नेतृत्व पर बातचीत के दौरान आपसी समझौते का प्रस्ताव रखा था।

 

 

बुधवार को ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया के बेहतर भविष्य के लिए पूरी तरह से परमाणु हथियार त्यागने और बैलेस्टिक मिसाइलों के परीक्षण बंद करने की बात कही, जिस पर नॉर्थ कोरिया पहले ही नामंजूरी जाहिर कर चुका है। इससे पहले ट्रंप ने साउथ कोरिया में संसद को संबोधित करते हुए कहा कि 'हम अमेरिकी शहरों को खतरे में डालने और साउथ कोरिया में दोबारा बर्बादी के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं। अगर इससे लड़ना भी पड़ा, तो तो लड़ेंगे।'

 

 

बहरहाल, अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस पहले ही यहां का दौरा करके स्थितियों का ज़ायज़ा ले चुकी हैं, जिसके बाद देखना होगा कि ट्रंप और जिनपिंग नॉर्थ कोरिया से निबटेने के लिए क्या योजना बनाते हैं?



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