शुक्रवार, 15 दिसम्बर 2017 | 07:47 IST
दूसरों की बुराई देखना और सुनना ही बुरा बनने की शुरुआत है।
दूसरे चरण में करीब 68-70 प्रतिशत मतदान रहा।           दूसरे चरण में 93 सीटों के चुनावों के लिए वोट डाले गये।          गुजरात के दूसरे चरण के चुनावों का इंतजार खत्म हुआ।          मुंबई महानगरपालिका के वार्ड नंबर 21 में उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की।          गुजरात विधानसभा चुनाव में लालकृष्ण आडवाणी ने गांधीनगर में वोट डाला।          पीएम मोदी ने देश को किया समर्पित: पनडुब्बी आईएनएस कलवरी           स्कॉर्पियन सीरीज की पहली पनडुब्बी आईएनएस कलवरी आज भारतीय नौसेना में शामिल।          गुजरात के साबरमती में वोटिंग के लिए पहुंचे पीएम मोदी।          18 दिसंबर को होगा फैसला: भाजपा या कांग्रेस          विराट कोहली और अनुष्का का दिल्ली में 21 दिसंबर और मुंबई में 26 दिसंबर को इंतजार।          अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी निर्विरोध चुने गए।          कांग्रेस अध्यक्ष पद के दिए 16 दिसंबर का इंतजार ।         
होम | देश | केंद्रीय मंत्री का अज़ान पर विवादित बयान

केंद्रीय मंत्री का अज़ान पर विवादित बयान


बीजेपी के फायरब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अक्सर अपने बड़बोले बयानों की वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं, वो समय समय पर ऐसे बयान देते रहते हैं, जिससे बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी हो जाती है. लेकिन अपनी आदत से मजबूत गिरिराज सिंह ने भोपाल में एक कार्यक्रम एक जनसभा को संबोधित करते हुए एक बार फिर से अजान पर विवादित बयान दे दिया है।

 दरअसल भोपाल में जनसभा को संबोधित करते हुए गिरिराज सिंह कहा कि मस्जिदों में बजने वाला अजान ऐसा होता है जिसे सुनकर नींद की दवाई खाकर सोया खुदा भी जाग जाएगा. लाउडस्पीकर पर होने वाले अजान को उन्होंने बैन करने की बात तो कही ही, साथ ही यह भी कहा कि ये सिर्फ एक समुदाय के साथ नहीं बल्कि हिंदू या फिर मुस्लिम या ईसाई सभी धर्मों में ये लागू होने चाहिए, क्योंकि इससे लोगों को दिक्कतें होती है.

साथ ही उन्होंने विकास और रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि आज देश में जनसंख्या इतनी बढ़ गई है कि विकास और रोजगार दिख ही नहीं रहा है. इसीलिए अब खुद समाज को आगे आना पड़ेगा और जनसंख्या पर नियंत्रण करना पडेगा, ताकि देश विकसित हो और यहां रोजगार भी बढ़े. अब गिरिराज सिंह के इस बयान सामने आने के बाद विवाद एक बार फिर से बढ़ सकता है, पीएम मोदी लगातार इस तरह के बयान देने से बचने की नसीहत अपने नेताओं को देते रहते हैं, लेकिन लगता है कि उनके नेता ही उनकी बातों को ज्यादा तवज्जों नहीं देते हैं, इसीलिए अपने बड़बोले बयान से बीजेपी के लिए मुसीबत पैदा करते रहते हैं।



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: