शनिवार, 16 दिसम्बर 2017 | 06:28 IST
दूसरों की बुराई देखना और सुनना ही बुरा बनने की शुरुआत है।
विजय दिवस के मौके पर शहीदों को दी श्रद्धांजली।           अध्यक्ष बनते ही बीजेपी पार्टी पर तगड़े तंज: राहुल गांधी           राहुल गांधी बने कांग्रेस पार्टी के नये अध्यक्ष।          कोयला घोटाले में मधु कोड़ा को 3 साल की सजा, 25 लाख का जुर्माना           तीन तलाक दिया तो 3 साल की सजा होगी ।          केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ट्रिपल तलाक बिल को दी मंजूरी          राहुल गांधी की ताजपोशी 16 दिसंबर को होगी।          कांग्रेस पार्टी के नये अध्यक्ष बनने जा रहे है राहुल गांधी          हिमाचल प्रदेश व गुजरात विधानसभा चुनावों के फैसले 18 दिसंबर को होंगे जारी।          राज्यसभा में विपक्षी दलों का हंगामा।          लोकसभा 18 दिसंबर तक के लिए स्थगित ।          18 दिसंबर को होगा फैसला: भाजपा या कांग्रेस         
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भारत में कैंसर हॉस्पिटल्स और बढ़ते मेडिकल रिक्वायरमेंट्स की सच्चाई


कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के रौंगटे खड़े होने लगते हैं। देश से लेकर विदेशों में जिस तरह से कैंसर की बीमारी बढ़ती जा रही है, वो लोगों के लिये बड़ी मुसीबत बनती जा रही है, जिसका सबसे बड़ा कारण है बदलता लाइफस्टाइल। जैसे-जैसे लोगों का लाइफस्टाइल बदलता जा रहा है, वैसे वैसे ये बीमारी अपने पैर पसारती जा रही है। बीते चार सालों में कैंसर के मरीजों की संख्या लाखों में बढ़ चुकी है और रोजाना हजारों लोग इस खतरनाक बीमारी के चलते मौत के मुंह में जा रहे हैं।

आपको जानकर हैरानी होगी कि 2013 से 2016 तक जिस तरह कैंसर के मरीजों का आंकड़ा बढ़ा है, वो वाकई में चौंकाने वाला है। इस समय कैंसर भारत में स्वास्य के लिए एक बड़ी चिंता बनकर उभर रहा है। यहां हर साल 11 लाख नये मरीज कैंसर से पीड़ित हो रहे हैं और अफसोस इनमें से 5.5 लाख हर साल मौत के मुंह में समा जाते हैं। इन सबके बीच जो सरकार के साथ जनता के लिये सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है वो है कैंसर के डॉक्टरों के साथ स्टाफ की कमी, जिसके चलते कई लोग अच्छे इलाज के अभाव में मर जाते हैं।

भारत सरकार अब इस दिशा में बड़ी ही तेजी से काम कर रही है और इस बड़ी चुनौती से निपटने के लिए सरकार का 2020 तक 50 हजार नये हॉस्पिटल खोले जाने का उद्देश्य है, जो देश के नौजवानों के लिये लाखों की तादात में नौकरी लेकर आयेगा। इसलिये पैरामैडिकल के स्टाफ को कैंसर से निपटने के लिये तैयार करने की योजना है। आपको बता दें कि यूं तो देश में कई ऐसे संस्थान हैं जो पैरामेडिकल के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, लेकिन इन संस्थानों में मोटी फीस वसूली जाती है, जिसके चलते देश के कई होनहार बच्चे इस शिक्षा के साथ अपने सपनों को भी पूरा नहीं कर पाते हैं, लेकिन अब घबराने वाली बता नहीं है। दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट हर साल बहुत ही कम फीस में पैरामेडिकल के स्टाफ को तैयार करता है और उन नौजवानों के सपनों को पूरा करता है, जो पैसे के अभाव में पूरा नहीं कर पाते हैं। अगर आप भी पैसा कमाने के के साथ कैंसर पीड़ितों की सेवा करना चाहते हैं, तो आप दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट की किसी भी शाखा से पैरामेडिकल में एडमिशान ले सकते हैं, क्योंकि डीपीएमआई की देश के हर राज्य में शाखा खुली हुई जो, देश के हर हिस्से के बच्चों के सपनों को बहुत ही कम फीस में उड़ान देती है। अगर आप भी सराकरी नौकरी के साथ मोटी कमाई करना चाहते हैं, तो डीपीएम आई की वेबसाइट www.dpmiindia.com पर जाकर जानकरी के साथ आवेदन कर सकते हैं, क्योंकि हमारा उद्देश्य आपको जानकारी देने के साथ सही राह दिखाने का है।



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