बुधवार, 19 जून 2019 | 12:42 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
अरबपतियों के क्लब से अनिल अंबानी का नाम हटा, 3600 करोड़ रह गई कुल संपत्ति          पीएनबी घोटाले का आरोपी मेहुल चोकसी ने कोर्ट में कहा,मैं भागा नहीं, इलाज के लिए छोड़ा था देश          अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की रत्नागिरी और खेड़ स्थित पैतृक संपत्तियों की होगी नीलामी           चीन के सिचुआन भूकंप से 11 लोगों की मौत 122 लोग घायल           कोटा से बीजेपी सांसद ओम बिड़ला होंगे लोकसभा अध्यक्ष           17वीं लोकसभा के पहले सत्र में नवनिर्वाचित सांसदों ने शपथ ली          आईसीसी विश्व कप 2019 के महामुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 89 रन से हराया          बिहार में चमकी बुखार से 108 बच्चों की मौत          प्रधानमंत्री मोदी का संदेश-पक्ष-विपक्ष के दायरे से ऊपर उठकर देशहित में काम करने की जरूरत          दिल्ली में सुहाना हुआ मौसम, हल्की फुहारों के साथ गर्मी से मिली राहत          चक्रवाती तूफान वायु का खतरा अभी टला नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक गुजरात में अगले सप्ताह एक बार फिर से चक्रवात वायु दस्तक दे सकता है          गुजरात के वडोदरा में एक होटल के नाले को साफ करने के दौरान दम घुटने से चार सफाईकर्मियों सहित सात लोगों की मौत          केजरीवाल सरकार के महिलाओं को मेट्रो में फ्री यात्रा देने के फैसले पर श्रीधरन ने एतराज जताया          दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर ने कोलकाता के अपने हड़ताली सहयोगियों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए किया विरोध प्रदर्शन           दलालों पर रेलवे का ऑपरेशन थंडर: 387 गिरफ्तार, 50 हजार लोगों के टिकट रद्द         
होम | उत्तराखंड | सरोगेट मदर ने कुछ ऐसे बढ़ाई पुलिस की उलझन

सरोगेट मदर ने कुछ ऐसे बढ़ाई पुलिस की उलझन


उत्तराखंड के देहरादून में सरोगेसी से उपजे विवाद ने देहरादून पुलिस को मुसीबत में डाल दिया है। आपको बता दें, सरोगेट मदर से जुड़वा बच्चे होने पर एक बच्चा तो सरोगेट मदर से अनुबंध करने वाले दंपति को दे दिया गया और दूसरा बच्चा सरोगेट मदर ने खुद रख लिया। जबकि, दंपती दोनों बच्चों पर हक जताते हुए उसे वापस करने की मांग कर रहे हैं। विवाद बढ़ने के बाद अब यह मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है लेकिन पुलिस अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि इसमें मुकदमा किन धाराओं में दर्ज किया जाए। 

 


सरोगेसी से संबंधित स्पष्ट प्रावधान न होने से पुलिस की मुश्किल और बढ़ गई है। अधिकारियों को अभी एक ही बात समझ में आ रही है कि धोखाधड़ी में मामला दर्ज कर दिया जाए। हालांकि अपनी तरह के पहले केस को देखते हुए एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने कोई भी कदम उठाने से पहले विभिन्न राय लेने का निर्णय लिया है। 

 


बता दें, हरिद्वार जिले के एक दंपती ने ऋषिकेश कोतवाली में अर्जी देकर बताया था कि शादी को कई वर्ष होने के बाद भी उन्हें बच्चा नहीं हुआ तो मेरठ के एक व्यक्ति ने उन्हें सरोगेसी के माध्यम से बच्चा करने की सलाह दी। उस व्यक्ति ने उन्हें एक महिला से मिलवाया और वह सरोगेट मदर बनने के लिए सहमत भी हो गई। बताया जा रहा है कि इसके लिए दोनों के बीच करीब दो लाख रुपये में अनुबंध हुआ था। जिसके बाद 22 जून 2015 को सरोगेट मां ने उन्हें एक बच्चा सौंप दिया, लेकिन बाद में दंपति को पता चला कि सरोगेट महिला को एक नहीं, बल्कि जुड़वा बच्चे पैदा हुए थे और एक बच्चा महिला ने खुद रख लिया था। इस पर जब दंपती बच्चे की मांग को लेकर महिला से मिले तो उसने बच्चा देने से साफ इंकार कर दिया। इसी के बाद यह प्रकरण पुलिस के पास पहुंचा था। 

 



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: