सोमवार, 23 जुलाई 2018 | 05:01 IST
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सरोगेट मदर ने कुछ ऐसे बढ़ाई पुलिस की उलझन


उत्तराखंड के देहरादून में सरोगेसी से उपजे विवाद ने देहरादून पुलिस को मुसीबत में डाल दिया है। आपको बता दें, सरोगेट मदर से जुड़वा बच्चे होने पर एक बच्चा तो सरोगेट मदर से अनुबंध करने वाले दंपति को दे दिया गया और दूसरा बच्चा सरोगेट मदर ने खुद रख लिया। जबकि, दंपती दोनों बच्चों पर हक जताते हुए उसे वापस करने की मांग कर रहे हैं। विवाद बढ़ने के बाद अब यह मामला पुलिस के पास पहुंच चुका है लेकिन पुलिस अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि इसमें मुकदमा किन धाराओं में दर्ज किया जाए। 

 


सरोगेसी से संबंधित स्पष्ट प्रावधान न होने से पुलिस की मुश्किल और बढ़ गई है। अधिकारियों को अभी एक ही बात समझ में आ रही है कि धोखाधड़ी में मामला दर्ज कर दिया जाए। हालांकि अपनी तरह के पहले केस को देखते हुए एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने कोई भी कदम उठाने से पहले विभिन्न राय लेने का निर्णय लिया है। 

 


बता दें, हरिद्वार जिले के एक दंपती ने ऋषिकेश कोतवाली में अर्जी देकर बताया था कि शादी को कई वर्ष होने के बाद भी उन्हें बच्चा नहीं हुआ तो मेरठ के एक व्यक्ति ने उन्हें सरोगेसी के माध्यम से बच्चा करने की सलाह दी। उस व्यक्ति ने उन्हें एक महिला से मिलवाया और वह सरोगेट मदर बनने के लिए सहमत भी हो गई। बताया जा रहा है कि इसके लिए दोनों के बीच करीब दो लाख रुपये में अनुबंध हुआ था। जिसके बाद 22 जून 2015 को सरोगेट मां ने उन्हें एक बच्चा सौंप दिया, लेकिन बाद में दंपति को पता चला कि सरोगेट महिला को एक नहीं, बल्कि जुड़वा बच्चे पैदा हुए थे और एक बच्चा महिला ने खुद रख लिया था। इस पर जब दंपती बच्चे की मांग को लेकर महिला से मिले तो उसने बच्चा देने से साफ इंकार कर दिया। इसी के बाद यह प्रकरण पुलिस के पास पहुंचा था। 

 



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