शनिवार, 18 नवंबर 2017 | 11:41 IST
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चौकाने वाला सच जिसे देखकर दंग रह गया विज्ञान पूर्वजन्म को लेकर भूटान के बच्चे की सच्ची कहानी


चौकाने वाला सच, जिसे देखकर दंग रह गया विज्ञान, पूर्वजन्म  को लेकर भूटान के बच्चे की सच्ची कहानी  

भले ही कोई यकीन करे या ना करे लेकिन भारतीय संस्कृति ओर हमारी विरासत पूर्व जन्म पर भरोषा करती है। इस जन्म में किये गये कर्मो का फल पूर्वजन्म में मिलता है। भले ही विज्ञान इस भरोषा करे या ना करें पर भूटान से जो खबर आयी है वह चौकाने वाली है। भारत ही नही भूटान का भी मानना है कि पूर्व जन्म होता है। और यह बात किसी आम भूटानी की नही बल्कि भूटान की राजमाता दोजी ओंगचुक का मानना है। शनिवार को भारत भ्रमण पर आये राजशाही परिवार जब भारत के प्राचीन विश्व विघालय नालंदा के भग्नाव शेष देखने नालंदा पहुंचे तो गोदी में लिये तीन साल के नाती ने उन्हें बताया कि वह पूर्व जन्म में यहां पढ़ते थे। यह बात तब सत्य हुई जब भारत लौटने के बाद महारानी ने बताया कि उनका नाती जिग्मी जिटेन ओंगचुक जब एक साल का था तब से ही वह प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के नाम का उच्चारण करता रहता था। पहले तो परिवार कुछ समझ में नहीं पाया, लेकिन जब नाती बड़ा हुआ तो उसने बताया कि पिछले जन्म में उसने भारत के नालंदा में पढ़ाई की है। भारत भ्रमण पर राजमाता के साथ पुत्री सोनम देझेन, ओंगचुक और तीन साल का नाती जिग्मी जिटेन ओंगचुक के साथ 16 सदस्यीय दल भी पहुंचा है। इस खबर को लेकर विज्ञान भी हैरान है, पूर्व जन्म की बातों को लेकर विज्ञान की धारणा चाहे जो भी हो लेकिन तीन साल के एक बच्चे ने नालंदा विश्वविद्यालय से पूर्व जन्म से संबंधित यादों को लेकर जिस तरह से जानकारी दी वह आश्चर्यजनक है। वह इतना सहज जानकारी दे रहा था कि मानो पूर्व में भी यहां आ चुका हो। बच्चे ने विश्व विघालय के बारे में वह सब कुछ बताया जो कि वहां का रहना वाला भी नही बता सकता। आज खंडहर बन चुके  नालंदा में जब राज माता परिवार के साथ पहुंची तो वहां उनके नाती जिग्मी जिटेन ओंगचुक ने कुछ अलग ही गतिविधि शुरू कर दी। वह खंडहर में मौजूद विभिन्न अव शेषों और संरचनाओं के बारे में बताने लगा। यहां तक कि उसने यह भी बताया कि पिछले जन्म में वह किस कमरे में पढ़ाई करता था। पहले तो उसने काफी भाग-दौड़कर कमरे का भग्ना वशेष खोजा। उसके बारे में जानकारी दी कि वह यहीं पढ़ता था। उसने सोने वाला कमरा भी दिखाया। राज माता और उनके साथ आये लोगों को स्तूप सहित कई ऐसी संरचनाएं देखने को मिली जिसके बारे में वह भूटान में बताया करता था। वहां वह एक रास्ते और उंची जगह के बारे में बताता था। यहां आकर उसे भी खोज लिया। महारानी ने बताया कि भूटान में वह जो भी बताता था उसकी सारी बातें यहां सच निकल रही है। उन्होंने बताया कि वह भूटान में यहां आने के लिए जिद भी करता था। लगता है भगवान बुद्ध की कृपा से पुनर्जन्म राज घराने में हुआ है। आठवीं शताब्दी के बारे में यह तीन साल का बच्चा सारी बात बताता है। मात्र तीन वर्ष के होने के बाद भी विश्वविद्यालय के सभी जगहों और कार्यकलापों के बारे में बच्चे द्वारा दी गयी जानकारी से सभी दंग रह गये। आश्चर्य की बात है कि इसका छोटा भाई साथ में है और बिल्कुल सामान्य है।

 

 



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