मंगलवार, 13 नवंबर 2018 | 02:02 IST
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान बीजेपी के लिए मुसीबत


आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद बीजेपी विपक्ष के निशाने पर आ गई है। बता दें, भागवत ने जम्मू कश्मीर के सुंजवां में आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले को लेकर कहा था कि सेना के लोग युद्ध की स्थिति में तैयार होने में छह से सात महीने का वक्त लगा सकते हैं लेकिन हमारे लोग यानी संघ के कार्यकर्ता दो से तीन दिन में ही तैयार हो जाएंगे, जिसको लेकर हार्दिक पटेल और राहुल गाँधी ने संघ को घेर लिया है।

 

राहुल गांधी ने ट्विट करते हुए लिखा कि आरएसएस चीफ का यह बयान हर भारतीय का अपमान है, क्योंकि उन्होंने देश के लिए जान देने वालों का असम्मान किया है। यह देश के झंडे का भी अपमान है, क्योंकि तिरंगे को सलाम करने वाले सैनिकों का अपमान किया गया है, भागवत को सेना और शहीदों का अपमान करने के लिए शर्म आनी चाहिए।


आपको बता दें, राहुल गांधी ने अकेले ही आरएसएस प्रमुख पर निशाना नहीं साधा है। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भी आरएसएस को घेरते हुए ट्वीट किया है कि संघ प्रमुख अब हमारी सेना पर आक्षेप करते है। सेना को कमज़ोर बताने वाले मोहन भागवत से राष्ट्रभक्ति किसको सिखनी हैं, भक्त जवाब जरूर देना नहीं तो साहब तनख्वाह काट लेंगे. सेना का अपमान करने वाले भागवत पर मुक़दमा दर्ज होना चाहिए।

 

वहीं जब इस मसले पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से पूछा गिया तो उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें इस घटना के संदर्भ में अधिक जानकारी नहीं है। हालाकिं मामला बढ़ता देख आरएसएस ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि बयान का गलत मतलब निकाला जा रहा है, मोहन भागवत ने सेना और स्वयं सेवकों की तुलना नहीं की है बल्कि यह कहा है कि आम लोगों को सैनिक बनाने में 6 महीनें लगते हैं, लेकिन स्वयंसेवक को ट्रेनिंग दी जाए, तो वे तीन दिन में सैनिक बन जाएगें।

 



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