शनिवार, 24 जून 2017 | 03:58 IST
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उत्तराखंड में चार साल पहले की आपदा से बड़ी प्राकृतिक त्रासदी हो लोगों को याद


आज यानी 16 जून 2013 में उत्तराखंड में प्रकृति ने कहर बरपाया था। दरअससल इस भीषण जलप्रलय ने सौकड़ों की जाने चली गई और हजारों लोग तो लपता हो गए थे। मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय आपदा रिपोर्ट 2013 के मुताबिक 169 लोगों की इस त्रसदी में मौत हुई थी। जबकि 4021 लापता हुए थे। गौरतलब है कि लापता लोगों को भी बाद में मृत घोषित कर दिया था। लेकिन उस दौरान सिर्फ केदारनाथ ही नहीं पूरे उत्तराखंड में सभी पर्वतीय जिलों में आसमान से कहर  मच गया था। दरअसल उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, चमोली,  बागेश्वर, पिथौरागढ़ की करीब नौ लाख आबादी आपदा से त्रस्त थी। सड़कें,  पुल और संपर्क मार्ग बह गए थे। आपको बता दें कि वह बेहद डरावना मंजर था। श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक तीर्थस्थल केदारनाथ और इसके आसपास भारी बारिश, बाढ़ और पहाड़ टूटने से सबकुछ तबाह हो गया था। उत्तराखंड में शायद ही इससे पहले ज्ञात रूप से 16 जून 2013 की आपदा से बड़ी प्राकृतिक त्रासदी लोगों को याद हो।  16 जून, 2013 की आपदा में करीब 4 हजार 200  से अधिक गांवों से संपर्क टूट गया था। आज चार साल बाद हालात सामान्य जरूर हैं लेकिन आज भी वहां कंकाल मिल रहे हैं। 



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