बुधवार, 19 जून 2019 | 12:42 IST
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परमार्थ निकेतन में सिख धर्मगुरूओे ने किया जल संरक्षण का संकल्प


परमार्थ निकेतन में सिख धर्मगुरूओे ने किया जल संरक्षण का संकल्प
देश में अमन, शान्ति, एकता, सांप्रदायिक सौहार्द हेतु धर्मगुरूओं ने की माँ गंगा से प्रार्थना 

 परमार्थ निकेतन में सिख धर्म के धर्मगुरू बंगला साहब गुरूद्वारा, दिल्ली से पधारे, परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने उनका दिव्य स्वागत किया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने गुरूद्वारा बंगला साहब कमेटी के चेयरमैन सरदार श्री परमजीत सिंह चण्डोक जी और अन्य सिख धर्मगुरूओं से पीलो पानी मशीन के विषय में चर्चा की। 
 पीलो पानी मशीन परमार्थ गंगा तट एवं 50 से अधिक प्रयागराज कुम्भ क्षेत्र में भी लगायी गयी थी। चर्चा के दौरान स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि पीलो पानी की एक मशीन हेमकुण्ड साहब में भी लगायी जायेगी ताकि हेमकुण्ड साहब का क्षेत्र प्लास्टिक बाॅटल फ्री किया जा सके।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि धार्मिक स्थानांे पर लोग अधिक संख्या में जाते है और यात्रा के दौरान वहां पर प्लास्टिक बाॅटल और एक बार उपयोग की जाने वाली प्लास्टिक की चीजें छोड़कर आते है जिससे पहाड़ों पर, समुद्र में चारों ओर प्लास्टिक ही नजर आता है। प्लास्टिक फ्री भारत बनाने में पीलो पानी का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। पीलो मशीन के विषय में जानकारी देते हुये कहा कि  ये 500 लीटर क्षमता वाले जल मन्दिर है, जो प्रतिघन्टे 300 लीटर आर ओ प्यूरीफाइड जल मुहैया कराने में सक्षम है। यह मशीनें 24 घन्टे स्वच्छ जल दे सकती है तथा इससे केवल 10 प्रतिशत जल बाहर जाता है बाकी 90 जल को यह स्वच्छ करती है। पीलो पानी मशीनांे को तीर्थ क्षेत्रों में लगाया जाये तो हम काफी हद तक भारत को प्लास्टिक बाॅटल मुक्त बना सकते है साथ ही जल का भी संरक्षण किया जा सकता है।
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, गुरूद्वारा बंगला साहब कमेटी के चेयरमैन सरदार श्री परमजीत सिंह चण्डोक जी बंगला साहब गुरूद्वारा, दिल्ली से पधारे ( जिसमें लगभग एक लाख से भी ज्यादा श्रद्धालु रोज दर्शन करते है। हरि मन्दिर साहेब (स्वर्ण मन्दिर, अमृतसर) के बाद पूरे विश्व से सबसे अधिक  श्रद्धालु यहां पर दर्शन करने आते है।) सरदार श्री रणपाल सिंह जी, सरदार श्री गुरूचरणजीत सिंह जी, सरदार रविन्द्र पाल सिंह जी, सरदास रणधीर सिंह जी एवं अन्य ने ’’पवन गुरू पाणी पिता, माता धरति महत’’के संकल्प के साथ वाॅटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भारत में कोई भी धर्म ऐसा नहीं है जिसमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाहित न हो। आज हम जो प्रकृति और पर्यावरण प्रदूषण देख रहे है उसके विषय में गुरू नानक देव जी ने सवा पांच सौ वर्ष पूर्व ही कह दिया था। उन्होने वायु, जल और धरती को गुरू, माता और पिता का दर्जा और सर्वोच्च सम्मान दिया था ताकि इनका संरक्षण किया जा सके।  स्वामी जी ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण के विषय में धर्मग्रन्थों ने अनेक इबारतें लिखी गयी है। उन्होने लोगों से आह्वान किया कि हमें धर्म को केवल मानना ही नहीं बल्कि जीना है तभी हम ईश्वर प्रदत्त उपहारों को सुरक्षित रख सकते है। स्वामी जी महाराज ने कहा कि सिख धर्म में पर्यावरण संरक्षण का जो संदेश दिया है वह अद्भुत है।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, गुरूद्वारा बंगला साहब कमेटी के चेयरमैन सरदार श्री परमजीत सिंह चण्डोक जी और अन्य सिख धर्मगुरूओं ने जल एवं प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।



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