शनिवार, 24 जून 2017 | 03:52 IST
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पांच साल की बच्ची ने बार्बी डॉल को बताई दुष्कर्म की सच्चाई


एक पांच साल की गुड़िया से दुष्कर्म से आपबीती जानने के लिए दिल्ली की निचली कोर्ट ने अपनाया अनूठा तरीका। दरअसल उसे एक गुड़िया (बार्बी डॉल) दी गई, बच्ची ने अपनी गुड़िया के निजी अंगों को छूकर जज को सच्चाई बताई। इस नई और अनूठी तकनीक की हाई कोर्ट ने भी प्रशंसा करते हुए निचली कोर्ट के आदेश के खिलाफ दोषी की अपील खारिज कर दी। बच्ची के बयानों पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूरा भरोसा जताते हुए एक व्यक्ति को जेल की सजा सुनाई। अदालत ने मामले की सुनवाई में गौर किया कि बच्ची यौन उत्पीड़न से गुजरने की अपनी व्यथा गुड़िया को बताते हुए हिचकिचाहट महसूस कर रही थी। आपको बता दें कि बच्ची बचाव पक्ष के वकील की ओर से पूछे गए परेशान करने वाले, अपमानजन, गंदे और अश्लील सवालों के जवाब देने में असहज महसूस कर रही थी। बच्ची को खेलने के लिए गुडि़या देने के निचली अदालत के न्यायाधीश के नये तरीके ने सही मामले की तह तक पहुंचने में मदद की। उच्च न्यायालय ने 23 वर्षीय व्यक्ति को सजा सुनाते हुए कहा कि सजा साक्ष्य को सही तरह से समझने पर आधारित है और इसमें किसी भी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। दरअसल बच्ची के माता पिता ने उसके सम्मान की रक्षा के लिए उसके आंतरिक अंगों की चिकित्सीय जांच की अनुमति नहीं दी थी। अदालत ने कहा, गुप्तांगों पर नाखून के निशान संबंधी अहम साक्ष्य नहीं जुटाए जा सके। हालांकि, यह पीडि़ता की मौखिक गवाही को हल्का नहीं करता। उसने अपनी हाथ में पकड़ी गुडि़या के गुप्तांगों की तरफ इशारा करके यह बता दिया कि उसके साथ क्या हुआ। आपको बता दें कि यह घटना जुलाई 2014 में की है जब लड़की अपने 10 वर्षीय भाई के साथ स्कूल जा रही थी और आरोपी हनी ने लड़के को 10 रपये का नोट दिया और उसे दुकान से कुछ लाने को कहा और लड़की का अपहरण कर लिया। 



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