सोमवार, 19 फ़रवरी 2018 | 09:24 IST
जितना कठिन संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी
होम | उत्तराखंड | नकाबपोशों ने स्कूल में 10वीं के छात्र को जिंदा जलाया

नकाबपोशों ने स्कूल में 10वीं के छात्र को जिंदा जलाया


उत्तराखंड के देहरादून में नकाबपोशों में एक स्कूल के छात्र को जिन्दा जलाने की घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक जीआईसी सत्यों (लमगड़ा ब्लॉक) में मंगलवार को चार नकाबपोशों ने दसवीं कक्षा के एक छात्र को केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया। किशोर ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने मृत्यु पूर्व बयान में कहा कि चार नकाबपोशों ने उस पर केरोसिन डालकर जला दिया।

मृत्यु पूर्व बयान से जहां यह घटना सीधे तौर पर हत्या की नजर आ रही है, वहीं स्कूल प्रशासन और पुलिस इसे आत्महत्या मान रहे है। स्कूल प्रशासन के मुताबिक खुद ही केरोसिन लेकर आए छात्र ने स्कूल के एक कमरे में उस वक्त आत्मदाह कर लिया, जब विद्यालय में प्रार्थना सभा हो रही थी।

पुलिस ने खबर लिखे जाने मामले में कोई एफआईआर नहीं दर्ज की थी। मामला हत्या का है या आत्महत्या का, यह गुत्थी अब पुलिस को सुलझानी है। बताया जा रहा है कि मौत का शिकार छात्र राकेश कनवाल (15) रालाकोट का रहने वाला था। साथ ही कनवाल माता-पिता का इकलौता बेटा था, उसकी दो बहनें हैं। स्कूल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक कनवाल मंगलवार को घर से ही एक बोतल में करीब आधा लीटर केरोसिन लेकर आया था। स्कूल पहुंचने के बाद राकेश कक्षा में चला गया।

इस बीच सुबह करीब 9.40 बजे सभी छात्र-छात्राएं विद्यालय के प्रांगण में प्रार्थना के लिए चले गए। कुछ देर बाद उसके चिल्लाने की आवाज सुनाई पड़ी। शोर सुनकर कुछ शिक्षक और बच्चे वहां पहुंचे तो उनके होश उड़ गए।

राकेश के कपड़ों में आग की लपटें उठ रही थीं। उन्होंने चटाई आदि से किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक वह बुरी तरह झुलस चुका था। विद्यालय प्रशासन ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। इस पर प्रधानाचार्य और टीचरों ने कार से छात्र को तुरंत बेस अस्पताल अल्मोड़ा भेजा।

उसकी नाजुक हालत देखते हुए उसे अस्पताल हल्द्वानी रेफर कर दिया, वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेस अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के मुताबिक राकेश कनवाल करीब 98 प्रतिशत झुलस चुका था।

 

 

वही दूसरी ओर बुरी तरह झुलसे राकेश कनवाल के मृत्यु पूर्व बयानों से पुलिस को सकते में डाल दिया है। बेस अस्पताल में पुलिस और अन्य लोगों के सामने राकेश ने बयान दिया कि चार नकाबपोश युवक स्कूल में आए और उन्होंने उसके शरीर में केरोसिन डालकर आग लगा दी। जब उससे पूछा गया कि वह घर से मिट्टी तेल लेकर क्यों आया था तो उसका जवाब था कि वह केरोसिन ब्लैक बोर्ड साफ करने के लिए लाया था।

कथित नकाबपोशों के बारे में वह कुछ नहीं बता सका। दूसरी तरफ विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना के वक्त स्कूल में नकाबपोश अथवा कोई अन्य नहीं मौजूद नहीं था और आसपास भी कोई संदिग्ध नजर नहीं आया।

बताया गया है कि राकेश अपने पड़ोस में किसी महिला से केरोसिन मांग कर लाया था। उसने महिला को बताया कि स्कूल में ब्लैक बोर्ड साफ करने के लिए केरोसिन की जरूरत है।

विद्यालय में राकेश द्वारा आत्मदाह करने की घटना से विद्यालय में कोहराम मच गया। बताया गया है कि राकेश की हालत देखकर विद्यालय में पढ़ने वाली कुछ छात्राएं बेहोश हो गईं और उनकी स्थिति को देखते हुए लमगड़ा से डॉक्टर को बुलाया गया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि राकेश पढ़ाई में ठीक था साथ ही खेलों में भी अव्वल रहता था। हाल में हुए खेल महाकुंभ के अंतर्गत 400 मीटर दौड़ में वह जिला स्तर पर दूसरे स्थान पर आया था। मंगलवार को उसे इसके लिए विद्यालय में पुरस्कार दिया जाना था, लेकिन इससे पहले ही यह घटना हो गई। बताया जाता है कि बेस अस्पताल में पुलिस की मौजूदगी में राकेश ने क्षेत्र के कुछ लड़कों द्वारा उसे परेशान किए जाने की बात भी कही। हालांकि उसने नकाबपोश कौन हो सकते हैं इस बारे में कुछ नहीं कहा। उसका यह भी कहना था कि नकाबपोश हाथ में चाकू लिए हुए थे। फिलहाल राकेश के परिजनों की ओर से किसी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उधर हल्द्वानी रवाना होने से पहले मजिस्ट्रेट ने भी राकेश के बयान ले लिए थे। माना जा रहा है कि मृत्यु पूर्व बयानों के आधार पर आगे जांच किया जाना संभव होगा।



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: