शनिवार, 19 अगस्त 2017 | 06:16 IST
दूसरों की बुराई देखना और सुनना ही बुरा बनने की शुरुआत है।
होम | देश | बीआरडी मेडीकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत

बीआरडी मेडीकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की मौत


उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में पिछले 6 दिनों में लग-भग 60 बच्चों की मौत हो चुकी है। खबर है कि शनिवार की सुबह एक बच्चे की मौत हो गई है यह बच्चा इंसेफेलाइटिस से पीड़ित था। यूपी सरकार ने इस मामले मेजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। बाल चिकित्सा केंद्र में बच्चों की मौतों के लिए इंफेक्शन और ऑक्सीजन की सप्लाई में दिक्कत को जिम्मेदार ठहराया गया है, लेकिन अस्पताल और जिला प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी को मौत का कारण मानने से इनकार किया है। यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी ने अपने दो मंत्रियों को भेजकर मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन खत्म होने से अबतक 30 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस मामले में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो मंत्रियों को मामले की जांच के लिए गोरखपुर भेजा है। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और तकनीकी व चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन जल्द वहां पहुंचेगे और वहां  पूरी जांच करेंगे और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर मामले को गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी है और वहां काफी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया है। आशुतोष टंडन ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद इस पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने मुझे और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को बुलाया था और वहां इस मामले की जांच और पूरी रिपोर्ट मांगी है। वहीं विपक्षी दलों की ओर से उठाए गए सवाल पर स्वस्थ्य मंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों को मौत पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।  आपको बता दें कि दो दिन पहले नौ अगस्त की शाम को सीएम योगी आदित्यनाथ मेडिकल कॉलेज का हाल देखकर गये थे। बताया जा रहा है कि 69 लाख रुपये का भुगतान न होने की वजह से फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई ठप कर दी थी। लिक्विड ऑक्सीजन तो गुरुवार से ही बंद थी और आज सारे सिलेंडर भी खत्म हो गए। इंसेफेलाइटिस वार्ड में मरीजों ने दो घंटे तक अम्बू बैग का सहारा लिया। वहीं यूपी सरकार का कहना है कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन की कमी के कारण किसी रोगी की मौत नहीं हुई है। अगर वहां प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचते तो क्राइसिस मैनेजमेंट आसान हो जाता। बुधवार को ही लिक्विड ऑक्सीजन का टैंक पूरी तरह से खाली हो गए और हाहाकार मच गया बेड पर पड़े मासूम तड़पने लगे। डॉक्टर और तीमारदार एम्बू बैग से ऑक्सीजन देने की कोशिश करने लगे। हालांकि उनकी यह कोशिश नाकाफी साबित हुई। इंसेफेलाइटिस वार्ड में मरने वालों में जुनैद, अब्दुल रहमान, लवकुश, ज्योति, शालू, खुशबू, फ्रूटी, शिवानी और अरूषी शामिल थी।

 



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: