मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018 | 11:30 IST
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अन्ना के उत्तराखंड आने से फिर गरमा सकता है लोकायुक्त का मुद्दा


उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत हमेशा से भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की बात करते रहे हैं। साथ ही लोकायुक्त भी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, लेकिन इसके बावजूद लोकायुक्त का गठन पिछले दस महीने से लटका हुआ है। जिसके बाद अब विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल करना शुरू कर दिया है और 20 मार्च से गैरसैंण में शुरू हो रहे बजट सत्र में विपक्ष द्वारा सरकार को घेरने और हंगामा करने के पूरे आसार हैं। वहीं अब ये खबर भी आ रही है कि अन्ना हजारे जल्द उत्तराखंड जाने वाले हैं, जिससे इस मसले पर सियासत का गर्माना तय हैं। 

 


आपको बता दें, जब उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार बनी थी, तब जोर-शोर से भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के दावे किए गए थे तो वहीं सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम कसने को लेकर लोकायुक्त विधेयक पर अभी भी चुप्पी साधी हुई है। सत्ता में आने के सौ दिन के भीतर लोकायुक्त कानून पर काम करने का चुनावी वादा दस माह की अवधि को भी लांघ चुका है। अगर ये हालात लंबे समय तक बने रहे, तो यह सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।  हालांकि, भाजपा ने विधानसभा चुनाव के अपने घोषणापत्र में सत्ता में आते ही सौ दिन के भीतर लोकायुक्त की स्थापना करने का वायदा किया था। यह वायदा कब तक पूरा होगा, फिलहाल इसका जवाब सत्ताधारी बीजेपी के पास भी नहीं है। 

 



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