शुक्रवार, 25 मई 2018 | 06:33 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
होम | धर्म-अध्यात्म | आइये जाने। कैसे खास बने क्रिसमस ??

आइये जाने। कैसे खास बने क्रिसमस ??


भारत विविधताओं का देश है।हर धर्म में खान पान से लेकर त्यौहारों तक हर दिन किसी ना किसी खास मौके का इंतजार रहता  है।सोमवार को पड़ने वाला क्रिसमस ईसाई धर्म में विशेष श्रृद्धा के साथ मनाया जाता है। जिसकी तैयारियों के लिए बच्चो ने कई दिन पहले सेतैयारियां शुरू कर दी है। स्कूलों से लेकर कॉलिजों तक बच्चें सांताक्लाज की ड्रेस पहनकर मस्ती कर रहे है। गौरतलब हो कि कपड़ा बाजारमें सांताक्लाज की ड्रेस का एक अलग ही आकर्षण नजर आ रहा है।  हर बच्चा इस दिन को स्पेशल बनाने के लिए कई दिन पहले से विशेषयोजनाऐ बनाना शुरू कर देते है।आज हम आपको बताने जा रहे है कुछ ऐसे ही नुस्खे जिससे फेस्टिवल में तो चार चांद लगेगे ही बच्चे कीखुशी और उत्साह भी चार गुना बढ़ जायेगा।

तैयारी हो सबसे अलग

 बाजार में हर तरह के सजावट की सामग्री मौजूद है। लेकिन कोशिश करें कि सजावट के लिए सभी हाथ से बनी सामग्री ही जुटाएं ।थर्माकोल या गत्ते अथवा घर में मौजूद वेस्ट सामान को रियूज कर आकर्षक बनाया जाए जिससे बच्चों में नई चीजें बनाने के साथ साथक्रिएटिविटी का भी सृजन होगा । इसके अलावा फोटोग्राफी करते हुए पार्टी को अलग रूप दें। बच्चो को मॉल इत्यादि में घुमाने ले जाएभाई बहनों को एक जैसे कपड़े पहना कर सांताक्लाज के साथ सेल्फी लें।घर पर  ही बच्चों के सभी दोस्तों को बुलाकर छोटी सी पार्टी दे।बच्चों ने अपनी ड्रिंक और कूकीज़ के बदले जो पैसे दिए, उनमें और पैसे जोड़ें और आस-पड़ोस के गरीब बच्चों के लिए गिफ्ट्स औरकपड़े बांटें. बच्चों को इस काम में ज़रूर शामिल करे।

अपने बच्चो को खुश करने के लिए क्रिसमस के मौके पर उसे कहें कि वह सांताक्लाज को एक चिट्ठी लिखें, जिसमें वो अपनी गलतीस्‍वीकार कर सकते हैं और कोई विश भी मांग सकते हैं. फिर क्रिसमस ट्री के पास एक बॉक्स रखें और कहें कि वो अपनी चिट्ठी इसमेंडाल दें. जब बच्चे सो जाएं तो उन चिट्ठियों को पढ़ें. माना कि किसी की चिट्ठी पढ़ना गलत बात है, लेकिन अगर इससे बच्चे की परवरिशमें मदद मिले तो कोई हर्ज भी नहीं. हो सके तो दूसरे दिन बच्चे की वो विश पूरी करने की कोशिश करें.



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: