शनिवार, 18 नवंबर 2017 | 11:51 IST
दूसरों की बुराई देखना और सुनना ही बुरा बनने की शुरुआत है।
होम | सेहत | ट्विटर पर क्यों छिड़ी खिचड़ी बनाम बिरयानी की जंग?

ट्विटर पर क्यों छिड़ी खिचड़ी बनाम बिरयानी की जंग?


कल तक बीमारी में खाई जाने वाली खिचड़ी आज दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। किचन में कभी-कभार बनने वाली खिचड़ी अब देश की पहचान बन चुकी है। आम आदमी की इस डीश को दुनियाभर में मशहूर किया केंद्र की मोदी सरकार ने, लेकिन राष्ट्रीय व्यंजन का दर्जा मिलने से पहले ही इस पर विवाद खड़ा हो गया है। जी हां, खिचड़ी पर सवाल उठाने वाले लोगों का कहना है, “खिचडी़ ही क्यों, बिरयानी को क्यों नहीं लोकप्रिय किया जाता”, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बहस छिड़ गई है। 


खिचड़ी जब से देश की शान बनी है, तभी से उसे एक अलग-सी पहचान मिल चुकी है, लेकिन आपको बता दें कि खिचड़ी की तरक्की देख लाल-पीली हुई बिरयानी आपत्ति जता रही है, कि खिचड़ी की ताजपोशी क्यों, बिरयानी की क्यों नहीं। उसने ऐसी क्या खता कर दी, उसे भी तो लोग खूब पसंद करते हैं और खूब चाव से खाते हैं। 


खिचड़ी और बिरयानी की जंग उस वक्त छिड़ी, जब अचानक भारत सरकार द्वारा खिचड़ी को राष्ट्रीय पकवान घोषित करने वाली खबर सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी। इसके बाद देखते ही देखते खिचड़ी का इतिहास भूगोल ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा। हालांकि कुछ समय बाद खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर ने खबर का खंडन कर इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया। 

हरसिमरत कौर ने स्वयं इस मामले पर ट्वीट करके बताया, कि खिचड़ी को केवल #WorldFoodIndia फेस्टिवल में रिकॉर्ड फूड के तौर पर शामिल किया गया है। वहीं, बताया जा रहा है कि वर्ल्ड फूड इंडिया फेस्टिवल में जाने-माने शेफ संजीव कपूर करीब आठ हजार किलो खिचड़ी बनाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिश करेंगे। तीन नवंबर से पांच नवंबर तक आयोजित होने वाले इस फूड फेस्टिवल में 20 देशों के प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। उधर, खिचड़ी के राष्ट्रीय पकवान घोषित होने की खबर झूठी साबित होते ही सोशल मीडिया पर जमकर खिचड़ी का मजाक उड़ाया जा रहा है। बहरहाल, मामला जो भी रहा हो, खिचड़ी के चक्कर में बिरयानी तो बदनाम हो ही गई। 



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: