शनिवार, 18 नवंबर 2017 | 11:47 IST
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गुजराती वोटरों का गुस्सा कैसे शांत करेंगे मोदी?


गुजरात की सियासी बाजी जीतने के लिए बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का मुकाबला करने के लिए मोदी सरकार की पूरी फौज इन दिनों गुजरात में उतरी है। इतना ही नहीं नरेंद्र मोदी की करीब 50 रैलियां गुजरात में होनी है। ऐसे में चुनावी नामंकन प्रक्रिया पूरे होते ही नरेंद्र मोदी की रैलियों का दौर शुरू हो जाएगा। चुनावी प्रचार थमने तक प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री तक गुजरात में डेरा जमाए रहेंगे। इस तरह ये कहा जाए कि मोदी सरकार गुजरात से चलेगी तो कुछ गलत नहीं होगा।

 

 

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी से लेकर उप मुख्यमंत्री नितीन पटेल तक को गौरव यात्रा में जनता की उदासीनता देखने को मिली है। गुजराज में बीजेपी नेताओं को देख जनता भड़क रही है। ऐसी स्थिति में बीजेपी ने ने स्ट्रेटेजी बदल दी है। बीजेपी ने गुजरात में प्रदेश के नेताओं के बजाय केंद्रीय मंत्रियों ओर दूसरे राज्यों के नेताओं को उतारने का मना बनाया है। बता दें कि गुजरात चुनाव बीजेपी के नाक का सवाल बन गया है। ऐसे में बीजेपी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है।

 

 

बीजेपी मिशन गुजरात को फतह करने के लिए अपने सबसे बड़े चेहरे नरेंद्र मोदी के सहारे मैदान में उतर रही है। बीजेपी ने नरेंद्र मोदी की करीब 50 रैलियां कराने की योजना बनाई है। नवंबर के आखरी सप्ताह से नरेंद्र मोदी की ताबड़तोड़ रैलियां शुरू हो जाएगी। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में नरेंद्र मोदी की रोड शो करने की योजना है। अब देखना होगा कि बीजेपी गुजरात में इस रणनीति से जीत का सिक्सर मार पाती या नहीं, क्योंकि गुजरात की सत्ता अब ना सिर्फ बीजेपी के लिए नाक का सवाल बन गया है, बल्कि पीएम मोदी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है।    



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