बृहस्पतिवार, 26 अप्रैल 2018 | 03:17 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
होम | लाइफस्टाइल | ‘रेप डेट ड्रग’ से कैसे हो रही है लड़कियों की जिंदगी बर्बाद ?

‘रेप डेट ड्रग’ से कैसे हो रही है लड़कियों की जिंदगी बर्बाद ?


दिसंबर का महीना शुरू होते ही शातिर और हवसी लोगों का दिमाग भी चलना शुरू हो जाता है और वो निकल पड़ते हैं। अपने शिकार की तलाश में। ये शातिर अपनी हवस पूरी करने का सबसे अच्छा महीना दिसंबर के महीने को मानते हैं। क्योंकि ये एक ऐसा महीना होता है। जिसमें सबसे ज्यादा रेव पार्टियां होती हैं और इन रेव पर्टियों में होता है। हवस का नंगा नाच।

आपको बता दें रेव पार्टियां अकसर अमीर और पावर फुल लोग ही करते हैं और वो अपनी इन शौर-शराबा और नशे में डूबी पार्टियों में एक ऐसे शिकार की फिराक में रहते हैं। जो उनकी की वासना को पूरा कर सके इन शिकारियों का का शिकर अकसर वो लड़कियां और औरते बनती है। जो जिन्हें पार्टियों का बेदह शोक होता है।

अगर आप भी लेट नाईट पार्टियों के शौक रखती हैं। तो ये खबर आपके लिये है और अपको बेदह सावधान होने की जरूरत हैं। क्योंकि आपकी ये लत कब आपकी सबसे बड़ी भूल बन जायेगी। आपको पता भी नहीं चलेगा।

आपको बता दें मेट्रो सीटी और बड़ी पार्टियों में अकसर लड़कियों का ड्रिंक करना बेदह साधारण सी बात मानी जाती हैं। लेकिन उनके लिये ये ड्रिंक कब शाप बन जाती हैं। उसका उन्हे पता ही नही चलता।

बिना किसी रंग, स्वाद और गंध की रेप डेट ड्रग के नाम से बदनाम इस दवा की चपेट में आकर रेव पार्टियों में जाने वाली लड़कियाँ अपना सब कुछ गँवा सकती हैं। ये ड्रग अकसर दूध, चाय, पानी और शराब के साथ मिलाकर दी जाती है। इसके गले से नीचे उतरते ही। लड़की इतनी मदहोश हो जाती है कि उसे पता ही नहीं चलता कि उसके जिस्म के साथ 7-8 घंटों तक क्या हुआ।

इस दवा की एक और ये खासियत ये है कि इसके शरीर में जाते ही.. याददाश्त खत्म हो जाती है और लड़की को कुछ भी याद नहीं रहता है और लड़कियों को यह खुशफहमी होती रहती है कि वे डेट पर हैं आपको बता दें अल्कोहल में मिला देने पर ये ड्रग और भी तेज़ हो जाती है। यह लड़कियों में सेक्स की इच्छा इतनी बढ़ा देती है कि वो बिना कुछ सोचे समझे किसी के भी साथ सेक्स करने के लिये तैयार हो जाती हैं।

 इस ड्रग को जी एच बी के नाम से जाने जाता है। ये बहुत ही आसानी से लिक्विड और पाउडर दोनों रूप में  मार्केट में मिल जाती है। इस नशीली दवा का असर खून में एक दिन और यूरिन में दो दिन तक ही रहता है। साथ ही अगर बाद में जांच  की जाये तो इस ड्रग के बारे में कुछ भी पता नहीं लगाया जा सकता है। इसकी शिकार लड़कियां भविष्य में मां बनने की क्षमता तक खो सकती हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि लड़कियां ही नहीं, इस दवा के शिकार लड़के भी हो सकते हैं। समलैंगिकता के बढ़ते प्रचलन के चलते यह दवा लड़कों पर भी खासकर, ग्लैमर की दुनिया में आजमायी जाती है। अय्याश किस्म के आदमी इसका खूब फायदा उठाने लगे हैं। 

इस दवाई का शिकार बाली उम्र लड़कियां अकसर होती हैं। जिसकी वजह से वो किसी से कुछ कह भी नहीं पाती हैं। इसलिए हम हर माता-पिता से कहना चाहेंगे कि अपनी जवान होती लड़कियों को यह सब बताकर उन्हें सावधान रहने को कहें साथ ही किसी पर भी आंखे मूंद कर विश्वास न करें। फिर चाहे वो आपका कितना भी क्लोज़ फ्रैंड ही क्यों न हो।



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: