सोमवार, 23 जुलाई 2018 | 09:06 IST
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कॉमेडियन स्टार 'फिरंगी' से निराश, फिल्मी एक्टींग में जीरों


कॉमेडी नाइट्स के हीरो कपिल शर्मा का नाम कौन नहीं जानता? निश्चित ही कॉमेडी के सर्वश्रेष्ठ कलाकार कपिल ने देश को हंसा-हंसा कर उनका दिल जीता है। कपिल हमेशा एक बात कहते हैं कि कॉमेडी एक सीरियस बिजनेस है तो कपिल की फ़िल्म 'फिरंगी' देखने के बाद एक बात बहुत जोर से कहने की इच्छा हो रही है कि कपिल एक्टिंग भी एक सीरियस बिजनेस है! स्टैंडअप कॉमेडी के बादशाह कपिल शर्मा अपने शो में तो कमाल का परफॉर्म कर जाते हैं मगर जहां बात अभिनय की आती है तब वहां पर बुरी तरह से मार खाते हैं। 'फिरंगी' एक उदाहरण है इस बात का की फ़िल्म निर्माण एक टीम वर्क है और इस टीम में एक भी कमजोर खिलाड़ी होगा तो पूरी टीम हार जाती है।

'फिरंगी' कहानी है पंजाब के एक छोटे से गांव की कहानी में राजा गांव वालों की जमीन हड़पने की साजिश करता है। गांव वालों की जमीन के कागज से जुड़ी घटना का दृश्य बताया है। फ़िल्म 'फिरंगी'। फ़िल्म का प्रोडक्शन डिजाइन कमाल का है, निर्देशक राजीव ढींगरा की कहानी भी मनोरंजक लगी है, कहानी का स्क्रीनप्ले भी बेहतरीन लिखा गया है मगर, इसमें कपिल शर्मा के अभिनय का तड़का और लग जाता तो बेहतरीन हो जाती।

अभिनय की अगर बात की जाए तो कपिल शर्मा का अभिनय सपाट रहा। उन्हें अगर आगे भी फ़िल्में करनी है तो अपने अभिनय पर ध्यान देना जरूरी है! स्टेज पर परफॉर्मेंस देना और कैमरा के आगे अभिनय की बारीकियों को पेश करना यह दोनों ही अलहदा पेशा है।  राजा के रूप में कुमुद मिश्रा फ़िल्म पर पूरी तरह छाए रहे।हर एक सीन में उन्होंने बारीकियों से काम किया। जो फ़िल्म को एक अलग मुकाम पर ले जाता है।

फ़िल्म का संगीत अच्छा है! कैमरा वर्क कमाल का है! एडिटिंग पर थोड़ा सा और काम किया जाना था। प्रोडक्शन बेहतरीन है। कुल मिलाकर 'फिरंगी' एक औसत फ़िल्म है। अगर आप कपिल शर्मा के फैन हैं तो आप यह फ़िल्म देख सकते हैं ।



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