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चीन की चुनौतियों का सामना, भारत की आईएनएस कलवरी


भारत की सबसे खतरनाक मानी जाने वाली स्कॉर्पियन सीरीज की पहली पनडुब्बी आईएनएस कलवरी आज भारतीय नौसेना में शामिल हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे आज देश को समर्पित किया। यह पहली ऐसी स्वदेशी पनडुब्बी है, जिसे मेक इन इंडिया के तहत बनाया गया है।

 

परमाणु हथियारों से लैस इस पनडुब्बी की सबसे खास बात यह है कि समुद्र में होने वाली किसी भी तरह की गतिविधियों का यह पता लगा सकती है। यही नहीं, भारत के इस कदम से हिंद महासागर में चीन को करार जवाब मिलेगा। क्योंकि बीते वर्षों में चीन हिंद महासागर में गतिविधियां बढ़ा रहा है, जो भारत के लिए खतरा साबित हो सकती है।

 

इस पनडुब्बी को फ्रांस की कंपनी ने डिजाइन किया है, जबकि इसका निर्माण मुंबई के मंझगांव डॉकयॉर्ड में किया गया है। इसका नाम आईएनएस कलवरी समंदर के सबसे खतरनाक टाइगर शार्क के नाम पर रखा गया है। कलवरी पनडुब्बी वेपन लॉन्चिंग ट्यूब्स से भी लैस है। इन ट्यूब के जरिए समंदर के अंदर हथियारों को रिलोड किया जा सकता है।

 

बता दें कि भारत की 2029 तक 24 पनडुब्बियां बनाने की योजना है। इसके पहले प्रॉजेक्ट पी-75 के तहत स्कोर्पियन सीरीज की छह पनडुब्बियां बनाई जा रही हैं। डीजल-इलेक्ट्रिक दोनों ही तरह की ताकत से लैस इस पनडुब्बी के आने के बाद से नौसेना के पास कुल पनडुब्बियां 14 हो जाएगी।



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