मंगलवार, 19 जून 2018 | 08:04 IST
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इंजीनियरिंग में संवारे भविष्य


 इंजीनियरिंग  विज्ञान  और  प्रौद्योगिकी  की एक  शाखा  है जो इंजन, मशीनों, संरचनाओं, गणित के कार्यान्वयन, डिजाइन, निर्माण  और  उपयोग  से  सम्बंधित  है। यह संरचनाओं, मशीनों, उपकरणों, प्रणालियों,  प्रक्रियाओं  और  संगठनों  में  कुछ  नया  करने  का, आविष्कार  करने   का, उसे बनाए रखने का और अनुसंधान का प्रयास करती   हैI

इंजीनियरिंग  की  डिग्री 

इंजीनियरिंग की डिग्री हैं- मैकेनिकल  इंजीनियरिंग, रासायनिक  अभियांत्रिकी,  सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, पर्यावरण इंजीनियरिंग, भू-तकनीकी इंजीनियरिंग , ऑनलाइन इंजीनियरिंग, इत्यादिI

क्या हो व्यक्तिगत कौशल  

मैकेनिकल  इंजीनियर्स  में मजबूत  विश्लेषणात्मक  योग्यता  के साथ बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स, तार्किक क्षमता और गणित में रु़चि होनी चाहिए। विस्तार के लिए  उत्कृष्ट तकनीकी ज्ञान और समस्या को सुलझाने के कौशल भी जरुरी है।

पात्रता:

बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बी.ई.) या बैचलर ऑफ टैक्नोलॉजी (बीटेक) के लिए बुनियादी पात्रता मानदंड भौतिकी, रसायन शास्त्र और मैथमेटिक्स के साथ 10 + 2 या समकक्ष परीक्षा पास होना जरुरी है।

अवधि:

यह 4 वर्ष की अवधि का कोर्स है। पॉलिटेक्निक में डिप्लोमा पाठ्यक्रम 2-3 साल की अवधि के हैं।

चयन प्रक्रिया:

स्नातक पाठ्यक्रम के लिए चयन योग्यता के आधार पर किया जाता है, अर्थात, 10+2 बोर्ड परीक्षा और प्रवेश परीक्षा में हासिल अंक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के लिए प्रवेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और भारत भर में प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (एआईईईई) के माध्यम से है। कई संस्थानों की अपनी स्वयं के प्रवेश परीक्षा व्यवस्था है।

ऐतिहासिक हस्तियां

निकोलाटेस्ला, अलेक्जेंडर ग्राहम बेल, जॉन लोगी बेयर्ड, लियोनार्डो दा विंसी, जेम्सवाट, ई. श्रीधरन, हेनरी फोर्ड इंजीनियरिंग जगत की ऐतिहासिक हस्तियां हैं।  



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