शनिवार, 20 अक्टूबर 2018 | 01:46 IST
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क्या आपके बच्चे झूठ बोलते है, तो ऐसे रोकें


लोग कहते है छोटे बच्चे भगवान का रूप होते है लेकिन बहुत ही नादान होते हैं। उनके व्यक्तित्व को जैसा चाहे वैसा आकार दिया जा सकता है। हर माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चे को ऐसी शिक्षा और परवरिश दें कि वे कभी झूठ न बोलें। और झूट बोलने की सोचें भक्षी नहीं। अगर बच्चों को बचपन से ही झूठ बोलने की आदत पड़ जाए, तो यह बड़े होकर मुसीबत का कारण बन सकती है। इसलिए अगर आपको बच्चे को भी ऐसी आदत हो गई तो समय रहते इसे पहचानें और दूर करने की कोशिश जरूर करें नही तो आपको बड़े होकर आपके ही बच्चो कभी आपसे झूट बोलकर कुछ भी कदम रख सकते है। बच्चे के चेहरे और Body Language पर ध्यान दें। अकसर झूठ बोलते समय बच्चे नज़रें चुराते हैं, कपड़े के कोने से खेलते हैं, उनके माथे पर बल पड़ने लगता है या फिर पसीना भी आने लगता है। आपका बच्चा झूठ बोल रहा है या नहीं, यह जानने के लिए बात बदल कर देखें। अगर इससे वह सहज महसूस करें और उसका रिएक्शन चेंज हो, तो समझ जाएं कि दाल में कुछ काला है। अगर आपको बच्चा झूठ बोल रहा हैं तो वह बात करते हुए हड़बड़ाएगा। वो साफ-साफ अपनी बात नहीं कह पाएगा। और अगर बच्चा किसी बात पर अचानक गुस्सा करने लगे और बार-बार एक ही सवाल पूछे जाने से चिड़चिड़ा हो जाए, ताे समझ जाना चाहिए कि वो कोई बात छिपा रहा है। पैरेंट्स के डर से कई बार बच्चे झूठ बोल देते हैं और अपने इस झूठ को छिपाने के लिए वह अजीबोगरीब हरकतें करना शुरु कर देते हैं। उस समय आपको बच्चे से आराम से बात करने की जरूरत है, ताकि वह बिना डरे आपसे अपनी बात कह पाए। याद रखें, गुस्से से किसी भी बात का हल नहीं निकलता। आपके बच्चे को सच्चाई की अहमियत का एहसास कराना पैरेंट्स की ही ज़िम्मेदारी है।



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