शनिवार, 18 नवंबर 2017 | 11:49 IST
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कांग्रेस की ‘पोडा’ बीजेपी को देगी मात


गुजरात में इस बार राहुल गाँधी का अंदाज बिल्कुल बदला-बदला सा दिख रहा है। यही कारण है कि वो सॉप्ट हिंदुत्व वाली छवि बनाने के लिए आजकल गुजरात में मंदिरों की खाक छान रहे हैं। साथ ही इस बार वो गुजरात में जीत के लिए एक ऐसी रणनीति बनाने जा रहे हैं, जिससे उम्मीद है कि जिस तरह से खाम रणनीति के तहत कांग्रेस ने जीत की रिकॉर्ड बनाई थी, उसी तरह से ये रणनीति भी कांग्रेस के लिए ब्रह्मास्त्र साबित होगी। 

 

 

इस बार के चुनाव में राहुल गांधी खाम की जगह पोडा नाम की रणनीति बना रही है। पोडा का मतलब है, पाटीदार, ओबीसी, दलित और आदिवासी। इसी के जरिए कांग्रेस इस बार गुजरात में जीत की नींव रखना चाहती है। आपको बता दें कि यहां पाटादीरों का वोट प्रतिशत करीब 16 है, जबकि ओबीसी का 54 फीसदी, वहीं आदिवासी 14 फीसदी हैं और दलित का वोट प्रतिशत 7 फीसदी है। यही कारण है कि राहुल गांधी जहां भी आदिवासी इलाके में रैली करने जाते हैं, वहां आदिवासियों पर पकड़ मजबूत करने के लिए आदिवासी युवा से ही मंच पर भाषण दिलवाते हैं। 

 

 

जिस तरह से राहुल गांधी अब पोडा रणनीति पर काम कर रहे हैं, काफी हद तक वो कामयाब भी होता दिख रहा है। ओबीसी के नेता अल्पेश ठाकोर तो कांग्रेस में शामिल हो ही चुके हैं। वहीं, दलित नेता जिग्नेश मेवाणी भी दबी जुबान ही सही, लेकिन समर्थन की बात वो भी कह चुके हैं। आदिवासी इलाके में जिस तरह से राहुल का स्वागत किया जा रहा है, उससे लगता है कि आदिवासियों का समर्थन भी राहुल को मिल ही गया है, जबकि पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के बारे में खबर है कि वो भी अंदरखाते राहुल को समर्थन देने की बात कर चुके हैं। अब देखना होगा कि राहुल की ये रणनीति कांग्रेस के लिए सत्ता वापसी का रास्ता बना पाती है या नहीं। 



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