शनिवार, 19 अगस्त 2017 | 06:23 IST
दूसरों की बुराई देखना और सुनना ही बुरा बनने की शुरुआत है।
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विचार

पिछड़ेपन से निपटने के लिए ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण ...

राज्य सरकार का कृषि क्षेत्र पर नए सिरे से बल देना गरीबी को पूरी तरह से समाप्त करने और देश की विकास गाथा,,, और पढ़ें »

मकड़ी के जालों से अटी वीरांगना

मकड़ी के जालों से अटी वीरांगना तीलू रौतेली व उनकी बिंदुली घोड़ी की कौन सुध लेगा! (मनोज इष्टवाल) रिंगवड़ा रावतों की बेटी व पूर्व काबीना मंत्री अमृता रावत ने 2006 में वीरांगना तीलू रौतेली के पराक्रम की गाथाओं को झांसी की राणी जैसा और पढ़ें »

डाॅ. मुरली मनोहर जोशी

डाॅ. मुरली मनोहर जोशी ऐसी शख्सियत हैं जो भारतीय राजनीति में ज्ञान-विज्ञान, शिक्षा, संस्कृति, अर्थ और अध्यात्म का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दूसरी तरफ बसंती बिष्ट को लोक संस्कृति की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन का श्रेय जाता है। दोनों प्रतिभाओं को पद्म सम्मान इस सम्मान की गरिमा की दृष्टि से उचित है और पढ़ें »

आपकी सोच को बदल सकते हैं ये प्रेरणादायक विचार

कभी कभी सिर्फ एक शब्द एक वाक्य या एक विचार हमारी जिंदगी बदल सकता है। कभी कभी कोई बात हमारे मन को ऐसी भाती है जिससे हमारी सोच पूरी तरह से बदल जाती है.... और पढ़ें »

आजाद भारत में उत्तराखंड के गांवो की यह कैसी दुर्दशा !

जब हमारी परवाह नहीं तो वह 2017 में किसी भी राजनैतिक पार्टी को वोट नही देंगे। यदि इस सोच ने चिंगारी पकड़ ली तो दो दर्जन गाँवों के ग्रामीणों का हज़ारो वोट ना पढ़ना किसी भी पार्टी का समीकरण बिगाड़ सकता है। और पढ़ें »

आखिर क्यों राजनीति की बलि चढ़ते जा रहे हैं गांव ?

रोजगार को लेकर रोटी की डूढ़ में मौकों को तरासती आज की पीढ़ी के लिए, शिक्षा की समुचित व्यवस्था का अभाव और खेती में आने वाली मुश्किलों ने हमेशा से यहां के लोगों को अपनी जड़ों को छोडऩे के लिए मजबूर किया है। उत्तराखंड में पलायन अब इस हद तक पहुंच गया है कि यहां के गांव तेजी से वीरान होते जा रहे हैं। और पढ़ें »

नया साल, नया नजरिया

अपने को नये रूप से तैयार करना मतलब कि पूरानी यादो को भूलकर अपने को नये एंगल से तैयार करना ही तो नया साल है। पूरानी यादो को भूलकर नयी नए साल के मौके पर अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों और अपने प्यार करने वालों के साथ सेलिब्रेशन करना । और पढ़ें »

ढलती उम्र की ढलान का सहारा आखिर कौन बनेगा, कौन समझेगा पलायन के इस दर्द को

जिंदगी की उलझनों में, वो इतने उलझ गए, सदिया बीत गई, उम्र ढ़लती गई, कब जवां हुए कुछ पता ही नहीं चला, आज पलटकर देखा, अपने बीते दिन को, तो पता चला कि आखिर बचपन कहां खो गया। और पढ़ें »

जिन्होंने खुद को जलाकर हमारे भविष्य को प्रकाशित किया हम भूल गये, उस उत्तराखंड के गांधी को

उत्तराखण्ड को अलग राज्य का दर्जा देने ओर उत्तराखंड की हर पीड़ा समझने के पीछे उत्तराखंड के गांधी इंन्द्रमणी बडोनी का गांधी अहम योगदान रहा है। आज दो अभी दो उत्तराखंड राज्य दो का नारा देने वाले और उस नारे पर सतत चलने वाले पहाड़ की तरह अडिग रहने वाले उत्तराखंड के गांधी का आज जन्मदिन है और पढ़ें »

जानिए उत्तराखंड के कण-कण में क्यों बसते हैं देव...

कहते है कि अगर आस्था हो तो पत्थर भी भगवान बन जाते है। और अगर बात देवभूमि उत्तराखंड और पढ़ें »

भ्रष्टाचार से मुक्ति का नया उपाय बेनामी संपत्ति पर प्रहार

देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार का अगला कदम बेनामी संपत्ति पर करारी चोट के रूप में सामने आएगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ संकल्प को कड़ा करते हुए और पढ़ें »

अकेले सफर करने का माद्दा

पटना की गीता को जब दिल्ली के एक कालेज में प्रवेश के लिए आना पड़ा तो उसने अपनी यह यात्रा अकेले ही की, किसान परिवार से सम्बद्ध उसके माता पिता के लिए यह मुमकिन नहीं था कि और पढ़ें »

नोटबंदी से संकट में सियासी दल

पांच सौ और एक हजार की नोटबंदी से आम-आदमी तो हफ्ते-दो हफ्ते में छुटकारा पा लेगा, लेकिन इस पाबंदी से चुनाव के मुहाने पर खड़े राजनीतिक दल जरूर संकट में आए लगते हैं और पढ़ें »

कालेधन की जंग का ब्रह्मास्त्र

नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के समय से ही आतंकवाद, कालाधन और भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार लड़ाई लड़ते दिख रहे है। उन्होंने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी कालाधन और पढ़ें »

बच्चों को बचा लो !

दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों से छोटी बच्चों-बच्चियों के साथ यौन हिंसा की ख़बरें लगातार आती रही हैं। किसी मामले में हवस का शिकार बना कर जान से मार दिया गया तो कहीं अन्य तरह से हैवानियत कर मरने के कगार पर छोड़ कर आरोपी फरार हो गया तो कहीं और पढ़ें »
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