शनिवार, 24 जून 2017 | 03:59 IST
दूसरों की बुराई देखना और सुनना ही बुरा बनने की शुरुआत है।
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धर्म-अध्यात्म

भगवान केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली बम केदारनाथ धाम के लिए हो गई है रवाना

उत्तराखण्ड में स्थित भगवान केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली बम भोले के ......... और पढ़ें »

सभी धर्मों का सार- मंदिर, मस्जिद, चर्च आदि प्रार्थना

सभी धर्मों का सार- मंदिर, मस्जिद, चर्च आदि प्रार्थना स्थल हैं। प्रत्येक ग्राम-नगर, घर-घर जाकर कोई महापुरुष सत्य का प्रचार नहीं कर सकता और पढ़ें »

क्यों है उपनिषदों को बचाने वाला भोजपत्र खतरे में जाने पूरी सच्चाई

जिसे हिन्दु धर्म मे पवित्र माना जाता था आज वो भोजपत्र विलुप्ति की कगार पर है। भारत में हिंदु रिती रिवाजों के अनुसार भोजपत्र को पूजा जाता है, माना जाता है कि इसमें देवी देवता और ऋषिमुणिओं ने इसी पर भारत का इतिहास दर्शाया है, लेकिन आज वहीं भोजपत्र विलुप्त होने की कगार पर है। और पढ़ें »

अपना धर्म(मानवता) क्या होना चाहिए...

मानवता की कदर करना ही हमारा धर्म होता है लेकिन ऐसा करने में लोग हिचकिचाते हैं। इसलिए ही मानवता अपने रास्ते से भटकती हुई नजर आती है और पढ़ें »

इच्छापूर्ण हनुमान मंदिर में भक्तों की आस्था

राजस्थान में चूरू जिले में इच्छापूर्ण हनुमान मंदिर पच्शिम में सरदारशहर के बाहरी तरफ पड़ता है और पढ़ें »

बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि को लेकर तैयारियां होनी शुरु

बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने की तारिख को लेकर वहा की मंदिर समिति के लोगो ने तैयारिया शुरु कर दी हैं। और ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में इसको लेकर तैयारियां चल रही हैं और पढ़ें »

ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के चमत्कार

ज्ञान की देवी सरस्वती संगीत, ज्ञान और कला की देवी मानी जाती है । माँ सरस्वती ब्रह्मा की दिव्य पत्नी के रूप में जानी जाती है और पढ़ें »

24 फरवरी को मनाएं महाशिवरात्रि का पर्व ज्योतिषाचार्यों की माने तो

शिवरात्रि को लेकर लोगो में असमंजस है कि किस दिन महाशिवरात्रि पर्व मनाएं। ज्योतिषाचार्यों की माने तो 24 फरवरी को यह पर्व मनाना श्रेष्ठ है। और पढ़ें »

चौकाने वाला सच जिसे देखकर दंग रह गया विज्ञान पूर्वजन्म को लेकर भूटान के बच्चे की सच्ची कहानी

आज खंडहर बन चुके नालंदा में जब राज माता परिवार के साथ पहुंची तो वहां उनके नाती जिग्मी जिटेन ओंगचुक ने कुछ अलग ही गतिविधि शुरू कर दी। वह खंडहर में मौजूद विभिन्न अव शेषों और संरचनाओं के बारे में बताने लगा। यहां तक कि उसने यह भी बताया कि पिछले जन्म में वह किस कमरे में पढ़ाई करता था। पहले तो उसने काफी भाग-दौड़कर कमरे का भग्ना वशेष खोजा। उसके बारे में जानकारी दी कि वह यहीं पढ़ता था। उसने सोने वाला कमरा भी दिखाया। और पढ़ें »

सोलह शुक्रवार के व्रत की महता ओऱ व्रत की विधि

संतोषी माता के पिता का नाम गणेश और माता का नाम रिद्धि-सिद्धि है। संतोषी माता के पिता गणेश और माता रिद्धि-सिद्धि धन, धान्य, सोना, चांदी, मूंगा, रत्नों से भरा परिवार है। और पढ़ें »

उत्तराखंड के दस प्रसिद्ध मंदिर

चार धामों में सर्वाधिक ऊचांई पर स्थित धाम केदारनाथ ही है। केदारनाथ शिव के 12 ज्योर्ति लिंगों में से एक है। भारत के 4 धाम की स्थापना करने के बाद शंकराचार्य जी ने इस मंदिर का निर्माण कराया था मंदिर के पीछे शंकराचार्य जी की समाधि है। और पढ़ें »

नियति का अर्थ

नियति का अर्थ होता है, अनिवार्य। होगा ही। टलेगी नहीं बात। चाहे कुछ हो लेकिन यह घटना होकर रहेगी। जैसे मृत्यु नियति है। तुम कुछ करो, न करो, मृत्यु घटेगी। करो, जन्म के साथ ही घट गई। और पढ़ें »

भावनाओं से संचालित जीवनधारा

शरीर और उसकी गतिविधियों के संबंध में सामान्य रूप से हमारी स्थिति ऐसी रहती है, जैसी बच्चों के प्यारे मामाजी की। जिन्होंने अपनी ऐनक आँखों पर चढ़ा रखी है और सारे घर में ऐनक को ढूँढ़ने के लिए उलट और पढ़ें »

एक नूर ते सब जग उपज्या

सिख धर्म के दस गुरुओं की कड़ी में प्रथम हैं गुरु नानक। गुरु नानक से मोक्ष तक पहुँचने के एक नए मार्ग का अवतरण होता है। इतना प्यारा आैर सरल मार्ग कि सहज ही मोक्ष तक या ईश्वर तक पहुंचा जा सकता है। कहा जाता है कि नानक देव जी ने ही सबसे पहले "हिन्दुस्तान" शब्द का इ और पढ़ें »

जागे श्रीहरि, रचाया तुलसी संग विवाह

सनातन धर्म में आस्था रखने वाले हिन्दू धर्मावलंबी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जगतपालक श्रीहरि विष्णु के चातुर्मास के निद्राकाल से जागरण के उत्सव के रूप में मनाते हैं। इसी कारण यह तिथि देवोत्थानी अथवा देव प्रबोधिनी एकादशी के रूप में विख्यात है और पढ़ें »
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